नारायणपुर में टीबी के खिलाफ टेक्नोलॉजी की जंग, AI एक्स-रे से घर-घर जांच
100 दिवसीय सघन अभियान में 464 लोगों की जांच, हाई रिस्क इलाकों में विशेष शिविर—एक मरीज की पहचान, रोकथाम की दिशा में बड़ा कदम

नारायणपुर, अप्रैल 2026।
टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत जिले में चल रहा 100 दिवसीय सघन टीबी जांच अभियान अब तेज रफ्तार पकड़ चुका है। खास बात यह है कि इस बार स्वास्थ्य विभाग ने आधुनिक AI तकनीक से लैस हैंड-हेल्ड एक्स-रे मशीन का सहारा लिया है, जिससे दूरस्थ और उच्च जोखिम वाले क्षेत्रों में भी सटीक और त्वरित जांच संभव हो पा रही है।
अभियान के अंतर्गत अब तक 464 लोगों की जांच की जा चुकी है। ग्राम पालकी, बिजली, चिपरेल तथा जिला उपजेल नारायणपुर में विशेष आरोग्य शिविर लगाकर स्वास्थ्य टीमों ने घर-घर पहुंचकर स्क्रीनिंग की। इस दौरान एक टीबी मरीज की पहचान भी हुई है, जिसे उपचार के दायरे में लाया गया है।

क्षय उन्मूलन केंद्र के नोडल अधिकारी डॉ. बी.एन. बनपुरिया ने बताया कि AI आधारित यह हैंड-हेल्ड एक्स-रे मशीन सॉफ्टवेयर के माध्यम से स्वतः ही संभावित टीबी मरीजों को पॉजिटिव या निगेटिव के रूप में चिन्हित कर लेती है। इससे जांच प्रक्रिया न केवल तेज हुई है, बल्कि सटीकता भी काफी बढ़ी है।
अभियान के दौरान डीपीसी जयदीप देवांगन, प्रशांत ठाकुर (STLS) सहित स्वास्थ्य विभाग की टीम सक्रिय रूप से मौजूद रही और लोगों को टीबी के लक्षण, बचाव एवं उपचार के प्रति जागरूक किया।
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार यह अभियान केवल मरीजों की पहचान तक सीमित नहीं है, बल्कि संक्रमण के प्रसार को रोकने, समय पर इलाज सुनिश्चित करने और ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता बढ़ाने की दिशा में मील का पत्थर साबित हो रहा है। “टीबी मुक्त पंचायत” के लक्ष्य को हासिल करने के लिए यह पहल निर्णायक भूमिका निभा रही है।
जिले में तकनीक और जागरूकता के इस संगम से टीबी उन्मूलन की राह अब और मजबूत होती नजर आ रही है।




