नारायणपुर

धर्मांतरण के विरोध में नारायणपुर में सर्व समाज की हुंकार

बैठक में ‘फ्रीडम ऑफ रिलिजन’ कानून का समर्थन, सामाजिक एकता पर दिया जोर

नारायणपुर। जिले में धर्मांतरण के मुद्दे को लेकर एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। इस बीच सर्व समाज की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित कर धर्मांतरण के खिलाफ सामूहिक आवाज बुलंद की गई। बैठक में मौजूद विभिन्न समाजों के प्रतिनिधियों ने छत्तीसगढ़ में लागू ‘फ्रीडम ऑफ रिलिजन’ कानून का समर्थन करते हुए इसके सख्ती से पालन की मांग उठाई।

बैठक में वक्ताओं ने कहा कि क्षेत्र में लगातार धर्मांतरण की घटनाएं सामने आ रही हैं, जिससे सामाजिक ताना-बाना प्रभावित हो रहा है। ऐसे मामलों पर रोक लगाने के लिए प्रशासन को सक्रिय भूमिका निभाने और कानून का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने की आवश्यकता बताई गई।

प्रलोभन और दबाव से धर्म परिवर्तन पर चिंता

सर्व समाज के प्रतिनिधियों ने कहा कि किसी भी व्यक्ति का धर्म परिवर्तन यदि प्रलोभन, दबाव या धोखे से कराया जाता है तो यह समाज के लिए गंभीर चिंता का विषय है। ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई जरूरी है, ताकि क्षेत्र में सामाजिक संतुलन बना रहे।

मूल परंपराओं के संरक्षण का आह्वान

बैठक में समाज के लोगों से अपनी पारंपरिक आस्था और संस्कृति को सुरक्षित रखने की अपील की गई। साथ ही धर्मांतरित लोगों से अपने मूल धर्म में लौटने का आह्वान भी किया गया। वक्ताओं ने समाज की एकजुटता को सबसे बड़ी ताकत बताते हुए सभी से संगठित रहने का संदेश दिया।

कानून को बताया जरूरी कदम

बैठक में वक्ताओं ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा लाया गया ‘छत्तीसगढ़ फ्रीडम ऑफ रिलिजन बिल-2026’ धर्मांतरण पर नियंत्रण के लिए महत्वपूर्ण कदम है। इस कानून का उद्देश्य बल, प्रलोभन या धोखे से होने वाले धर्म परिवर्तन को रोकना है।

उन्होंने कहा कि इस कानून के प्रभावी क्रियान्वयन से सामाजिक समरसता बनाए रखने में मदद मिलेगी और अवैध गतिविधियों पर अंकुश लगेगा।

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