नारायणपुर

साइबर सुरक्षा के साथ विद्यार्थियों को बताए विधिक अधिकार

लिंगो मुदियाल महाविद्यालय में जागरूकता कार्यक्रम, पीओसीएसओ एक्ट के प्रावधानों की दी जानकारी

नारायणपुर। डिजिटल दौर में बढ़ते साइबर अपराधों से बचाव के साथ अपने कानूनी अधिकारों की जानकारी होना भी जरूरी है। इसी उद्देश्य से लिंगो मुदियाल महाविद्यालय, नारायणपुर में विद्यार्थियों के लिए साइबर एवं विधिक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में साइबर अपराधों से बचाव, सुरक्षित डिजिटल व्यवहार और विद्यार्थियों के विधिक अधिकारों के साथ पीओसीएसओ एक्ट के प्रावधानों की जानकारी दी गई।

कार्यक्रम में डीएसपी एवं साइबर नोडल अधिकारी आशीष नेताम मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। महाविद्यालय की अधिष्ठाता डॉ. रत्ना नशीने ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की, जबकि मंच संचालन डॉ. नवीन मरकाम ने किया।

फर्जी कॉल से ओटीपी फ्रॉड तक समझाए साइबर अपराध

मुख्य अतिथि आशीष नेताम ने विद्यार्थियों को साइबर अपराध के बदलते स्वरूप से अवगत कराया। उन्होंने ऑनलाइन ठगी, फर्जी कॉल, संदिग्ध लिंक, ओटीपी फ्रॉड और सोशल मीडिया के असुरक्षित इस्तेमाल से होने वाले नुकसान के बारे में जानकारी दी।

उन्होंने विद्यार्थियों को डिजिटल माध्यमों का इस्तेमाल करते समय सतर्क रहने की सलाह दी। साथ ही किसी अनजान व्यक्ति के साथ व्यक्तिगत या बैंकिंग संबंधी गोपनीय जानकारी साझा नहीं करने और संदिग्ध लिंक या संदेशों से सावधान रहने की बात कही। उन्होंने विद्यार्थियों को सतर्क और जिम्मेदार डिजिटल नागरिक बनने के लिए प्रेरित किया।

पीओसीएसओ एक्ट के प्रावधानों की दी जानकारी

विधिक जागरूकता सत्र में रेणुका बघेल ने विद्यार्थियों को उनके कानूनी अधिकारों और सुरक्षा से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी दी। उन्होंने विशेष रूप से पीओसीएसओ एक्ट (Protection of Children from Sexual Offences Act) के प्रावधानों को समझाया।

उन्होंने बाल यौन अपराधों से संरक्षण, अनुचित व्यवहार की पहचान, शिकायत करने की प्रक्रिया और सहायता प्राप्त करने से जुड़े कानूनी प्रावधानों की जानकारी दी। विद्यार्थियों को अपनी सुरक्षा के प्रति सजग रहने और किसी भी अनुचित घटना को नजरअंदाज नहीं करने के लिए प्रेरित किया गया।

उन्होंने कहा कि कानून की जानकारी व्यक्ति को केवल अपने अधिकारों के प्रति जागरूक नहीं करती, बल्कि अन्याय के खिलाफ आवाज उठाने का साहस भी देती है।

शिक्षा के साथ अधिकारों की जानकारी भी जरूरी

महाविद्यालय की अधिष्ठाता डॉ. रत्ना नशीने ने कहा कि विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए केवल शैक्षणिक ज्ञान पर्याप्त नहीं है। उन्हें साइबर सुरक्षा, कानूनी अधिकारों और सामाजिक जिम्मेदारियों की जानकारी भी होनी चाहिए। ऐसे जागरूकता कार्यक्रम विद्यार्थियों को सुरक्षित, सजग और जिम्मेदार नागरिक बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

विद्यार्थियों ने पूछे सवाल

कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने साइबर सुरक्षा और विधिक अधिकारों से जुड़े विभिन्न सवाल पूछे। विशेषज्ञों ने विद्यार्थियों की जिज्ञासाओं का समाधान करते हुए उन्हें व्यवहारिक जानकारी दी।

कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों में साइबर अपराधों के प्रति सतर्कता बढ़ाने के साथ अपने कानूनी अधिकारों और सुरक्षा कानूनों के प्रति जागरूकता को मजबूत करने का प्रयास किया गया।

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