साइबर ठगी से बचने विद्यार्थियों को दिए सुरक्षा के मंत्र
एसपी संदीप पटेल ने नवोदय विद्यालय में किया संवाद, ओटीपी-यूपीआई पिन साझा नहीं करने की दी हिदायत

नारायणपुर, 23 अगस्त। इंटरनेट और मोबाइल के बढ़ते इस्तेमाल के साथ साइबर अपराधों का खतरा भी लगातार बढ़ रहा है। ऑनलाइन ठगी से लेकर फर्जी लिंक, सोशल मीडिया हैकिंग और डिजिटल अरेस्ट जैसे मामलों से बचने के लिए सतर्कता ही सबसे बड़ा हथियार है। इसी उद्देश्य से साइबर जागृति अभियान के तहत नारायणपुर पुलिस ने पीएम श्री जवाहर नवोदय विद्यालय, सुपगांव में विद्यार्थियों के बीच जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया। पुलिस अधीक्षक संदीप कुमार पटेल ने विद्यार्थियों से सीधे संवाद कर साइबर अपराधों के तरीके और उनसे बचाव के उपाय बताए।

फर्जी लिंक से डिजिटल अरेस्ट तक समझाए खतरे
एसपी पटेल ने विद्यार्थियों को ऑनलाइन ठगी, फिशिंग, फर्जी लिंक, संदिग्ध कॉल व संदेश, ओटीपी फ्रॉड, बैंकिंग और यूपीआई धोखाधड़ी के बारे में जानकारी दी। इसके अलावा सोशल मीडिया अकाउंट हैकिंग, फर्जी प्रोफाइल, साइबर बुलिंग, ऑनलाइन गेमिंग के नाम पर ठगी, फर्जी निवेश और ट्रेडिंग, नौकरी व लॉटरी के नाम पर धोखाधड़ी तथा डिजिटल अरेस्ट जैसे अपराधों से भी सावधान रहने की बात कही।
उन्होंने कहा कि साइबर अपराधी लगातार नए तरीके अपना रहे हैं। ऐसे में किसी भी अनजान व्यक्ति के कहने पर जल्दबाजी में ऑनलाइन लेन-देन करने से बचना चाहिए और संदिग्ध गतिविधि नजर आने पर तत्काल परिवार या पुलिस को इसकी जानकारी देनी चाहिए।
ओटीपी और यूपीआई पिन किसी से साझा नहीं करें
विद्यार्थियों को विशेष रूप से आगाह किया गया कि किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ ओटीपी, पासवर्ड, यूपीआई पिन, एटीएम या डेबिट कार्ड की जानकारी और बैंक संबंधी गोपनीय जानकारी साझा नहीं करें। अनजान लिंक पर क्लिक करने, संदिग्ध क्यूआर कोड स्कैन करने और लालच देने वाले ऑनलाइन ऑफर पर भरोसा करने से भी बचने की सलाह दी गई।
सोशल मीडिया पर निजी जानकारी और तस्वीरें साझा करते समय भी सावधानी बरतने तथा मजबूत पासवर्ड और सुरक्षित डिजिटल व्यवहार अपनाने पर जोर दिया गया।
ठगी होते ही 1930 पर करें शिकायत
एसपी पटेल ने विद्यार्थियों को बताया कि साइबर ठगी का शिकार होने पर घबराने के बजाय तत्काल कार्रवाई करना जरूरी है। पीड़ित व्यक्ति 1930 साइबर हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज करा सकता है। समय पर शिकायत मिलने से ठगी की रकम को रोकने और आवश्यक कार्रवाई करने में मदद मिल सकती है।
उन्होंने विद्यार्थियों को स्वयं जागरूक रहने के साथ अपने परिवार और आसपास के लोगों को भी साइबर अपराधों से बचाव के लिए जागरूक करने की अपील की।
पुलिस और विद्यार्थियों के बीच संवाद बढ़ाने पर जोर
कार्यक्रम के दौरान एसपी ने विद्यार्थियों के साइबर सुरक्षा से जुड़े सवालों के सरल और व्यवहारिक तरीके से जवाब दिए। उन्होंने विद्यार्थियों को थाना और पुलिस अधीक्षक कार्यालय का भ्रमण करने के लिए भी आमंत्रित किया। उन्होंने कहा कि पुलिस की कार्यप्रणाली को करीब से समझने और पुलिस तथा विद्यार्थियों के बीच बेहतर संवाद स्थापित करने में ऐसे भ्रमण उपयोगी होंगे।
इस दौरान विद्यार्थियों को पुलिस कार्यालय और थाने की विभिन्न शाखाओं तथा उनकी कार्यप्रणाली की जानकारी देने की बात कही गई।
साइबर सेल ने भी दी जानकारी
कार्यक्रम में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ऐश्वर्य चंद्राकर, अनुविभागीय अधिकारी पुलिस नारायणपुर अजय सिंह, उप पुलिस अधीक्षक साइबर आशीष नेताम सहित साइबर सेल की टीम मौजूद रही। साइबर सेल की टीम ने भी विद्यार्थियों को ऑनलाइन धोखाधड़ी के विभिन्न तरीकों और सुरक्षित डिजिटल व्यवहार के बारे में जानकारी दी।
नारायणपुर पुलिस की ओर से बताया गया कि साइबर जागृति अभियान के तहत विद्यालयों, महाविद्यालयों और सार्वजनिक स्थानों पर लगातार जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। अभियान का उद्देश्य विद्यार्थियों, युवाओं और आम नागरिकों को बदलते साइबर अपराधों के प्रति सजग करना है।
पुलिस की अपील
नारायणपुर पुलिस ने आमजन और विद्यार्थियों से अपील की है कि डिजिटल दुनिया में सावधानी बरतें। किसी अनजान व्यक्ति के साथ बैंकिंग या व्यक्तिगत जानकारी साझा न करें। साइबर ठगी होने पर घबराएं नहीं और तत्काल 1930 पर संपर्क कर शिकायत दर्ज कराएं।
साइबर सुरक्षा का मूल मंत्र—सतर्क रहें, सुरक्षित रहें और किसी भी संदिग्ध ऑनलाइन गतिविधि को नजरअंदाज न करें।




