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मासिक धर्म पर बेटियों को मिली वैज्ञानिक समझ, आयुर्वेद ने बताए स्वस्थ रहने के उपाय

किशोरियों को स्वच्छता, पोषण और रजस्वला परिचर्या की दी जानकारी; अनियमित माहवारी व अधिक रक्तस्राव में चिकित्सकीय सलाह लेने की अपील

नारायणपुर। किशोरियों को मासिक धर्म से जुड़ी भ्रांतियों से बाहर निकालने और इस प्राकृतिक शारीरिक प्रक्रिया के प्रति वैज्ञानिक एवं सकारात्मक सोच विकसित करने के उद्देश्य से सरस्वती शिशु मंदिर उच्च माध्यमिक विद्यालय, कुम्हारपारा में स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। संचालनालय आयुष के निर्देशन, जिला प्रशासन के मार्गदर्शन तथा जिला आयुर्वेद अधिकारी के नेतृत्व में राष्ट्रीय आयुष मिशन के तहत शासकीय आयुष पॉलीक्लिनिक नारायणपुर की ओर से आयोजित कार्यक्रम में छात्राओं को मासिक धर्म एवं रजस्वला परिचर्या की विस्तृत जानकारी दी गई।

मासिक धर्म सामान्य प्रक्रिया, भ्रांतियों से बचें

आयुर्वेदिक चिकित्सा अधिकारी डॉ. बीना खोबरागड़े ने छात्राओं को बताया कि मासिक धर्म महिलाओं के शरीर में होने वाली एक प्राकृतिक और सामान्य शारीरिक प्रक्रिया है। इससे जुड़े अंधविश्वासों और भ्रांतियों को दूर करने के लिए वैज्ञानिक दृष्टिकोण जरूरी है। उन्होंने छात्राओं को व्यक्तिगत स्वच्छता बनाए रखने, सैनिटरी पैड के सही उपयोग और उसके सुरक्षित निपटान के बारे में जानकारी दी।

उन्होंने संतुलित एवं आयरन युक्त आहार लेने, एनीमिया से बचाव तथा नियमित व्यायाम के महत्व पर भी विस्तार से प्रकाश डाला। छात्राओं को समझाया गया कि किशोरावस्था में शरीर में तेजी से होने वाले बदलावों के दौरान पौष्टिक आहार और स्वास्थ्य संबंधी सावधानियां विशेष रूप से जरूरी हैं।

आयुर्वेद में भी स्वच्छता और संतुलित आहार पर जोर

कार्यक्रम में आयुर्वेद में वर्णित रजस्वला परिचर्या के बारे में भी छात्राओं को जानकारी दी गई। बताया गया कि मासिक धर्म के दौरान हल्का एवं सुपाच्य भोजन, पर्याप्त विश्राम, मानसिक शांति और स्वच्छता का पालन स्वास्थ्य के लिए लाभकारी होता है। छात्राओं को अपनी शारीरिक आवश्यकताओं को समझने और इस अवधि में स्वास्थ्य के प्रति विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई।

स्वास्थ्य परीक्षण कर दिया परामर्श

कार्यक्रम के दौरान उपस्थित छात्राओं का स्वास्थ्य परीक्षण भी किया गया। चिकित्सकीय परामर्श के दौरान अनियमित माहवारी, अत्यधिक दर्द तथा अधिक रक्तस्राव जैसी समस्याओं को नजरअंदाज नहीं करने की सलाह दी गई। ऐसी स्थिति में समय पर चिकित्सकीय परामर्श लेने के लिए छात्राओं को जागरूक किया गया।

छात्राओं ने बेझिझक पूछे सवाल

विद्यालय के प्राचार्य डोमेश्वर दीवान ने कहा कि किशोरियों के समग्र स्वास्थ्य के लिए इस प्रकार के जागरूकता कार्यक्रम बेहद उपयोगी हैं। आयुष विभाग की ओर से दी जा रही वैज्ञानिक एवं आयुर्वेदिक जानकारी छात्राओं में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने के साथ मासिक धर्म से जुड़े भ्रम और झिझक को दूर करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। उन्होंने इस पहल की सराहना की।

कार्यक्रम में छात्राओं ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की और मासिक धर्म, पोषण, स्वच्छता एवं स्वास्थ्य से जुड़े कई सवाल पूछे। चिकित्सकीय टीम ने छात्राओं की जिज्ञासाओं का सरल एवं वैज्ञानिक तरीके से समाधान किया।

कार्यक्रम के सफल आयोजन में श्रीमती बिन्देश्वरी देवांगन, पल्लवी यादव, फुलमा कावडे एवं पेनिशा मांझी का विशेष सहयोग रहा। कार्यक्रम के अंत में छात्राओं को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने, मासिक धर्म के प्रति सकारात्मक सोच रखने और व्यक्तिगत स्वच्छता को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने का संदेश दिया गया।

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