राम मंदिर ट्रस्ट पर कांग्रेस के गंभीर आरोप, सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में जांच की मांग
जिला कांग्रेस अध्यक्ष बोले— चंदा गड़बड़ी के आरोपों पर प्रधानमंत्री और गृह मंत्री जवाब दें, ट्रस्ट पुनर्गठन पर भी उठाए सवाल

नारायणपुर। जिला कांग्रेस कमेटी ने राम मंदिर ट्रस्ट से जुड़े कथित वित्तीय अनियमितताओं के मुद्दे पर केंद्र सरकार, भाजपा और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) पर गंभीर आरोप लगाए हैं। शुक्रवार को राजीव भवन में आयोजित प्रेसवार्ता में जिला कांग्रेस अध्यक्ष राजेश दीवान ने कहा कि राम मंदिर निर्माण के लिए देश-विदेश के श्रद्धालुओं द्वारा दिए गए चंदे के उपयोग को लेकर उठे सवालों पर केंद्र सरकार ने अब तक स्पष्ट जवाब नहीं दिया है।

कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि राम मंदिर निर्माण के दौरान प्राप्त चंदे और ट्रस्ट के वित्तीय प्रबंधन में कथित अनियमितताओं के आरोप सामने आने के बावजूद निष्पक्ष जांच नहीं कराई गई। उनका कहना था कि जिन लोगों पर पहले आरोप लगे, उनके स्थान पर की गई नई नियुक्तियों पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।
जिला कांग्रेस अध्यक्ष राजेश दीवान ने कहा कि यदि ट्रस्ट में वित्तीय गड़बड़ी के आरोप लगे हैं, तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को इस पूरे मामले पर अपना पक्ष स्पष्ट करना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि उत्तर प्रदेश में आरएसएस के एक पदाधिकारी पर पहले भी कथित रूप से मामले में लीपापोती के आरोप लगे थे, इसके बावजूद उन्हें ट्रस्ट का महासचिव बनाए जाने से कई सवाल खड़े होते हैं।
फोरेंसिक ऑडिट और स्वतंत्र जांच की मांग
कांग्रेस नेताओं ने मांग की कि राम मंदिर ट्रस्ट को प्राप्त चंदे, चढ़ावे, भूमि खरीद, निर्माण कार्य और अन्य वित्तीय लेन-देन का फोरेंसिक ऑडिट कराया जाए तथा उसकी रिपोर्ट सार्वजनिक की जाए। साथ ही ट्रस्ट को तत्काल भंग कर सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में स्वतंत्र जांच कराने की मांग भी की।
प्रेसवार्ता में जिला कांग्रेस महासचिव (प्रशासनिक) शेख तौहीद, महासचिव (संगठन) संजय राय, पूर्व ब्लॉक अध्यक्ष रवि देवांगन, कोषाध्यक्ष वी.पी. शुक्ला, प्रवक्ता अमित भद्र, महासचिव शब्बीर बढ़गुजर, युवा कांग्रेस अध्यक्ष बोधन देवांगन, पूर्व नगर पालिका उपाध्यक्ष प्रमोद नैलवाल सहित अन्य कांग्रेस पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।




