अबूझमाड़ में डिजिटल सशक्तिकरण की पहल

नियद नेल्लनार योजना के तहत डिजिटल बैंकिंग पर एक दिवसीय कार्यशाला, ग्रामीण आत्मनिर्भरता की ओर कदम
नारायणपुर। नक्सल प्रभावित अबूझमाड़ अंचल में शांति के साथ विकास और आत्मनिर्भरता की दिशा में एक और सार्थक पहल सामने आई है। छत्तीसगढ़ सरकार की महत्वाकांक्षी नियद नेल्लनार योजना (आपका अच्छा गाँव) के अंतर्गत अबूझमाड़ क्षेत्र के इरकभट्टी, कच्चापाल सहित अन्य ग्रामों में डिजिटल बैंकिंग पर आधारित एक दिवसीय कार्यशाला सह प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

यह कार्यक्रम , रायपुर के सौजन्य से तथा शासकीय स्वामी आत्मानंद स्नातकोत्तर महाविद्यालय, नारायणपुर के तत्वावधान में आयोजित किया गया। कार्यशाला का उद्देश्य नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में शैक्षणिक, सामाजिक एवं आर्थिक जागरूकता को बढ़ावा देना और डिजिटल माध्यमों से ग्रामीणों को मुख्यधारा से जोड़ना रहा।
शिक्षक-विद्यार्थियों को मिला व्यावहारिक प्रशिक्षण
कार्यशाला में शिक्षकों और विद्यार्थियों को डिजिटल बैंकिंग, यूपीआई, ऑनलाइन भुगतान, साइबर सुरक्षा एवं शासकीय बैंकिंग योजनाओं की व्यावहारिक जानकारी दी गई। प्रशिक्षण सत्रों के दौरान प्रतिभागियों की सक्रिय सहभागिता देखने को मिली, जिससे क्षेत्र में सकारात्मक परिवर्तन की स्पष्ट झलक दिखाई दी।
महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. एस. आर. कुंजाम ने अपने संबोधन में स्व-सहायता समूहों के लिए डिजिटल एवं मोबाइल बैंकिंग पर आधारित विशेष प्रशिक्षण शिविरों की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि डिजिटल साक्षरता के माध्यम से ग्रामीण महिलाओं और युवाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाया जा सकता है।
बैंकिंग व बीमा योजनाओं की विस्तृत जानकारी
प्रधान अन्वेषक बी. डी. चांडक एवं सह-अन्वेषक डॉ. हरि शंकर कुमार के मार्गदर्शन में आयोजित इस कार्यक्रम में बैंकिंग विशेषज्ञों ने महत्वपूर्ण जानकारियां साझा कीं।
- संसाधन व्यक्ति हेमराज ठाकुर ने बीमा एवं बैंकिंग सुरक्षा से जुड़े अहम बिंदुओं पर प्रकाश डाला।
- के प्रतिनिधि कुणाल गौर ने जीवन ज्योति बीमा योजना, डेबिट-क्रेडिट कार्ड, यूपीआई और ई-सिम जैसी डिजिटल सेवाओं की जानकारी दी।
- , नारायणपुर के प्रतिनिधि राशीद अंसारी ने नेट बैंकिंग, साइबर सुरक्षा, जीवन बीमा कवर, एफडी, म्यूचुअल फंड एवं इक्विटी निवेश से संबंधित विषयों पर विस्तार से जानकारी दी।
ग्रामीण महिलाओं तक पहुंचेगा प्रशिक्षण का लाभ
कार्यशाला में 50 से अधिक प्रतिभागियों ने भाग लिया। प्रशिक्षित प्रतिभागी अब अबूझमाड़ की ग्रामीण महिलाओं को डिजिटल और आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए जागरूकता अभियान चलाएंगे, जिससे वे आत्मनिर्भर बन सकें।
कार्यक्रम के समापन पर प्रतिभागियों को प्रमाण-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर राजेंद्र कुमार यादव, डॉ. सुमित श्रीवास्तव, डॉ. विजय लक्ष्मी गौड़, संतोष कुमार राव, संजय कुमार पटेल, निहारिका सोरी, डॉ. क्षमा ठाकुर सहित अन्य अतिथि व्याख्याता उपस्थित रहे।
अंत में जिला संगठक, राष्ट्रीय सेवा योजना भगवान दास चांडक ने सभी अतिथियों, संसाधन व्यक्तियों एवं प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त किया।




