नक्सलियों के मंसूबों पर सुरक्षा बलों का करारा प्रहार
44वीं वाहिनी आईटीबीपी ने कुमनार क्षेत्र में पकड़ा नक्सलियों का बड़ा डंप

खुफिया सूचना पर सर्च ऑपरेशन, बिना नुकसान के जवान लौटे सुरक्षित
(कैलाश सोनी, नारायणपुर) नक्सल विरोधी अभियान में सुरक्षा बलों को एक और बड़ी सफलता हाथ लगी है। 44वीं वाहिनी भारत-तिब्बत सीमा पुलिस ने नारायणपुर जिले के कुमनार क्षेत्र में नक्सलियों द्वारा छिपाकर रखे गए एक बड़े डंप का पर्दाफाश किया है। यह कार्रवाई विश्वसनीय खुफिया सूचना के आधार पर की गई, जिसे फॉरवर्ड सीओबी धोबे से संचालित सघन सर्च ऑपरेशन के दौरान अंजाम दिया गया।

प्राप्त जानकारी के अनुसार बस्तर क्षेत्र से 3 से 4 नक्सलियों के कत्तकल गांव के कुमनार एक्सिस क्षेत्र में सक्रिय होने की सूचना मिली थी। इस इनपुट पर त्वरित कार्रवाई करते हुए 44वीं वाहिनी आईटीबीपी की ऑप्स ब्रांच ने पूर्व नियोजित एरिया डॉमिनेशन पैट्रोल योजना में आवश्यक संशोधन कर व्यापक तलाशी अभियान शुरू किया।
दो टीमों ने संभाला मोर्चा
अभियान के तहत एक टीम द्वारा कुमनार गांव के आसपास सघन सर्च ऑपरेशन चलाया गया, जबकि दूसरी अतिरिक्त टीम को बीडीडीएस दस्ता के साथ सीओबी धोबे से रवाना किया गया। मुनार गांव के समीप संदिग्ध गतिविधियों के संकेत मिलने पर पूरे इलाके की घेराबंदी कर तलाशी एवं सैनिटाइजेशन की कार्यवाही की गई।
हथियार, विस्फोटक और संचार उपकरण बरामद
तलाशी के दौरान नक्सलियों के डंप से वीएचएफ सेट, संचार उपकरण, इलेक्ट्रॉनिक सामग्री, डेटोनेटर, सेफ्टी फ्यूज, नक्सली साहित्य, वर्दी, दवाइयां, दैनिक उपयोग की सामग्री तथा महत्वपूर्ण दस्तावेज बरामद किए गए। दुर्गम एवं अत्यंत संवेदनशील क्षेत्र को ध्यान में रखते हुए कुछ अनुपयोगी सामग्री को मौके पर ही नियमानुसार नष्ट किया गया।
सभी आवश्यक सुरक्षा मानकों एवं बीडीडीएस क्लीयरेंस के बाद शेष बरामद सामग्री को सुरक्षित रूप से सीओबी लाया गया। पूरे अभियान के दौरान किसी भी प्रकार की जनहानि नहीं हुई और न ही सुरक्षा बलों को कोई क्षति पहुंची। सभी जवान सुरक्षित अपने बेस पर लौटे।
पुलिस को सौंपी जाएगी जब्त सामग्री
बरामद नक्सली सामग्री को विधिवत जब्ती मेमो के साथ नारायणपुर पुलिस को सौंपा जा रहा है, ताकि आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा सके। सुरक्षा एजेंसियों ने स्पष्ट किया है कि क्षेत्र में शांति और सुरक्षा बनाए रखने के लिए आगे भी सघन सर्च ऑपरेशन जारी रहेंगे।




