पुनर्वास केंद्र नारायणपुर का कलेक्टर ने किया निरीक्षण
आत्मसमर्पित माओवादियों से सीधा संवाद, समस्याओं के त्वरित समाधान के निर्देश

निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने खेल, शिक्षा, प्रशिक्षण, भोजन, पेयजल और स्वच्छता की स्थिति की समीक्षा की। उन्होंने फुटबॉल, बैडमिंटन और कैरम जैसी खेल सामग्री उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। वहीं RSETI के माध्यम से सिलाई, कृषि, राजमिस्त्री और ड्राइविंग जैसे रोजगारोन्मुखी प्रशिक्षण शीघ्र प्रारंभ कराने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए।

शिक्षा व्यवस्था पर जोर देते हुए कलेक्टर ने शिक्षक की मांग पर दो दिवस के भीतर शिक्षक उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने आत्मसमर्पित माओवादियों से बोर्ड पर नाम लिखवाकर तथा जोड़-घटाव कराकर शैक्षणिक स्तर का आकलन किया, जिसमें अधिकांश ने उत्साहपूर्वक सहभागिता दिखाई।

कलेक्टर ने आधार कार्ड, राशन कार्ड, जन्म प्रमाण पत्र और मतदाता परिचय पत्र जैसे आवश्यक दस्तावेजों की स्थिति की समीक्षा की। जिनका मतदाता परिचय पत्र नहीं बना है, उनके शीघ्र निर्माण के निर्देश तहसीलदार को दिए। उन्होंने यह भी बताया कि जिन आत्मसमर्पित माओवादियों का मानदेय लंबित है, उन्हें शीघ्र राशि प्रदान की जाएगी तथा पात्र हितग्राहियों को मोबाइल भी उपलब्ध कराए जाएंगे।
निरीक्षण के दौरान सांस्कृतिक गतिविधियों के तहत चैते फद्दा एवं समूह ने गोंडी भाषा में गीत प्रस्तुत किया। कलेक्टर ने पुनर्वास केंद्र के नोडल अधिकारी को शैक्षणिक पोस्टर लगाने, शौचालयों की नियमित साफ-सफाई, आवश्यक सामग्री की उपलब्धता और केंद्र के सतत निरीक्षण के निर्देश दिए।
कलेक्टर ने मेस का निरीक्षण कर भोजन की गुणवत्ता की जांच की और महिला स्व-सहायता समूह से मेनू चार्ट की जानकारी लेते हुए गुणवत्ता में किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरतने के निर्देश दिए। महिला छात्रावास का भी निरीक्षण कर स्वच्छता पर विशेष ध्यान देने को कहा।
इस अवसर पर रोजगार अधिकारी मानक लाल अहिरवार, नारायणपुर तहसीलदार सौरभ चौरसिया सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।




