कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बंगलापारा की छात्राओं ने लिया आधुनिक कृषि तकनीकों का व्यावहारिक ज्ञान
बृहेबेड़ा स्थित कृषि प्रशिक्षण एवं प्रदर्शन केंद्र में शैक्षणिक भ्रमण, पशुपालन से लेकर मशरूम उत्पादन तक सीखी तकनीकें

नारायणपुर। शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बंगलापारा की कक्षा 11वीं और 12वीं कृषि संकाय की छात्राओं ने बुधवार को कृषि प्रशिक्षण एवं प्रदर्शन केंद्र, बृहेबेड़ा का शैक्षणिक भ्रमण किया। भ्रमण का उद्देश्य छात्राओं को आधुनिक कृषि तकनीकों, नवीन पद्धतियों, कृषि व्यवसाय और वैज्ञानिक पद्धतियों से जोड़ना था, जिससे वे पुस्तक ज्ञान के साथ-साथ व्यावहारिक अनुभव भी प्राप्त कर सकें।

भ्रमण के दौरान केंद्र के इंचार्ज स्वामी विश्वापानंद हृदय महाराज, एसएडीओ सोहनलाल देशमुख और आरएईओ दुर्गम सेलम ने छात्राओं को विभिन्न कृषि और पशुपालन तकनीकों की विस्तृत जानकारी दी। छात्राओं ने खेत से लेकर प्रयोगशाला स्तर तक कई गतिविधियों को प्रत्यक्ष रूप से देखा और समझा।
इन महत्वपूर्ण विषयों पर दी गई जानकारी
- आधुनिक कृषि उपकरणों एवं तकनीकों का उपयोग, साथ ही तेल निकालने की मशीन का प्रदर्शन
- मशरूम उत्पादन की वैज्ञानिक प्रक्रिया
- मत्स्यपालन, मत्स्य आहार और विभिन्न पालन पद्धतियाँ
- पोल्ट्री फार्मिंग—लेयर और ब्रॉयलर यूनिट का संचालन
- डेयरी फार्मिंग तथा दुधारु गायों की नस्लें—गिर, HF और जर्सी
- जैविक एवं प्राकृतिक खाद निर्माण की प्रक्रिया
- कृषि उत्पादों का भंडारण और गोदाम प्रबंधन
- फसलों की ग्रेडिंग, पैकिंग और सप्लाई चेन प्रणाली
- कृषि व्यवसाय, बाजार व्यवस्था एवं मूल्य संवर्धन
- कृषि क्षेत्र में करियर के अवसर और स्वामी विवेकानंद के प्रेरक विचार
छात्राओं ने इस भ्रमण को अत्यंत ज्ञानवर्धक और उपयोगी बताया। कई छात्राओं ने कहा कि इस प्रकार के व्यावहारिक अनुभव से कृषि क्षेत्र की वास्तविक चुनौतियों और संभावनाओं को समझने में बड़ी सहायता मिली।
यह शैक्षणिक यात्रा विद्यालय के प्राचार्य ए. के. स्वर्णकार के मार्गदर्शन तथा कृषि शिक्षिका चंद्रकला लहरे के नेतृत्व में संपन्न हुई। विद्यालय प्रशासन ने कहा कि ऐसे भ्रमण विद्यार्थियों को कृषि के आधुनिक स्वरूप, वैज्ञानिक अनुसंधान और तकनीकी प्रगति से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।




