मानवाधिकार दिवस पर ‘मानव अधिकार के अनछुए पहलू’ ग्रंथ का विमोचन
ऑनलाइन मुफ्त में पढ़ सकेंगे विद्यार्थी व शोधार्थी

नारायणपुर। मानवाधिकार दिवस के अवसर पर बुधवार को ‘मानव अधिकार के अनछुए पहलू’ नामक महत्वपूर्ण ग्रंथ का विमोचन किया गया। हुलेश्वर प्रसाद जोशी के नवीन दर्शन पर आधारित इस पुस्तक को मास्टर तत्वम हुलेश्वर जोशी ने जारी किया।

ग्रंथ को ऑनलाइन माध्यम से निःशुल्क पढ़ने और डाउनलोड करने की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। विद्यार्थी और शोधार्थी आवश्यकता अनुसार इसे प्रिंट कर सकेंगे, वहीं मुद्रक भी इसकी मौलिकता में बदलाव किए बिना इसे प्रकाशित कर विक्रय कर सकेंगे।
ग्रंथ में वैश्विक स्तर पर मानवाधिकारों को सुदृढ़ करने हेतु जारी विभिन्न कानूनों, संधियों, प्रसंविदाओं और घोषणाओं के साथ भारत के संविधान के मानवाधिकार संबंधी प्रावधानों का विस्तृत संकलन किया गया है। इसके अतिरिक्त भारत के नवीन आपराधिक कानूनों तथा पुराने और नए कानूनों के तुलनात्मक चार्ट भी शामिल हैं, जो पाठकों के लिए अध्ययन को और उपयोगी बनाते हैं।
उल्लेखनीय है कि यह लेखक हुलेश्वर प्रसाद जोशी की दूसरी कृति है। इससे पूर्व उनकी पहली रचना ‘लिख दूँ क्या?’ एक काव्य संग्रह के रूप में 1 जनवरी 2024 को ऑनलाइन प्रकाशित हो चुकी है।




