महंगी बिजली दरों के खिलाफ आम आदमी पार्टी का नारायणपुर में धरना प्रदर्शन
स्मार्ट मीटर के नाम पर जनता से लूट का आरोप, कलेक्टर के नाम सौंपा ज्ञापन

धरना प्रदर्शन का नेतृत्व बस्तर लोकसभा अध्यक्ष नरेन्द्र नाग ने किया। उन्होंने कहा कि नारायणपुर जिले के कलेक्ट्रेट रोड पर कई छोटे दुकानदारों को 1 लाख 35 हजार रुपये तक के बिजली बिल जारी किए गए हैं, जो यह दर्शाता है कि “स्मार्ट मीटर जनता की जेब काटने का एक नया तरीका बन गया है।”
नाग ने कहा, “छत्तीसगढ़ एक बिजली सरप्लस राज्य है। पानी हमारा, कोयला हमारा, जमीन हमारी, उत्पादन हमारा—फिर बिजली दरें इतनी अधिक क्यों? सरकार गलत आंकड़े पेश कर निजी उद्योगपतियों को लाभ पहुंचा रही है। बड़े कारोबारियों और नेताओं के करोड़ों रुपये के बिल माफ कर गरीबों से वसूली की जा रही है।” उन्होंने आरोप लगाया कि ऊर्जा प्रभार और अतिरिक्त शुल्क के नाम पर हर महीने जनता से गैरजरूरी वसूली की जा रही है।
जिलाध्यक्ष परमीत दुग्गा ने कहा कि “2019 में बिजली 1.10 रुपये प्रति यूनिट थी, कांग्रेस सरकार ने ‘बिजली बिल हाफ योजना’ लाकर जनता को भ्रमित किया और दरें बढ़ाकर 3.70 रुपये कर दीं। अब भाजपा सरकार ने यूनिट दर को 4.10 रुपये तक पहुंचा दिया है। दोनों दलों ने मिलकर जनता को महंगी बिजली और स्मार्ट मीटर के जाल में फंसा दिया है।” उन्होंने कहा कि स्मार्ट मीटर के नाम पर खुलेआम लूट मची हुई है, और बीजेपी-कांग्रेस दोनों ही जनता को महंगाई की मार में झोंकने में समान रूप से जिम्मेदार हैं।
आम आदमी पार्टी ने कलेक्टर के नाम ज्ञापन तहसीलदार को सौंपा, जिसमें बिजली दरों को कम करने, स्मार्ट मीटर प्रणाली की जांच कराने और छोटे दुकानदारों के अत्यधिक बिल रद्द करने की मांग की गई।
धरना स्थल पर कज्जू पोटाई, प्रदीप कुमार, संतोष वडडे, सुनील कुमार, रामदेव करूंगा, राजेश कैमरो, इतवारूराम कश्यप, गौरव यादव, लदूराम पोटाई, मसूराम, बिल्लूराम, विजय कोर्राम सहित सैकड़ों पार्टी कार्यकर्ता मौजूद रहे।
जनता के बीच बिजली बिलों को लेकर गुस्सा साफ झलक रहा था। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि यदि सरकार ने दरों में कटौती नहीं की, तो आंदोलन को व्यापक स्वरूप दिया जाएगा।

