पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश के बेटे की गिरफ्तारी के विरोध में कांग्रेस का चक्काजाम

दो घंटे ठप रहा मुख्य मार्ग , गूंजे ‘छत्तीसगढ़ बचाओ–अडानी भगाओ’ के नारे…
नारायणपुर। पूर्व मुख्यमंत्री एवं कांग्रेस नेता भूपेश बघेल के पुत्र चैतन्य बघेल की ईडी द्वारा गिरफ्तारी के विरोध में नारायणपुर में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने सोमवार को दोपहर करीब दो घंटे तक मुख्य मार्ग पर चक्काजाम कर प्रदर्शन किया। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के निर्देश पर जिला कांग्रेस कमेटी, शहर कांग्रेस और ब्लॉक कांग्रेस के संयुक्त तत्वावधान में जय स्तंभ चौक पर सैकड़ों कार्यकर्ता जुटे और विरोध जताया।

प्रदर्शनकारियों ने “छत्तीसगढ़ बचाओ – अडानी भगाओ”, “विपक्ष की आवाज दबाना बंद करो”, “ईडी का दुरुपयोग बंद करो” जैसे नारे लगाते हुए केंद्र सरकार और ईडी की कार्रवाई को राजनीति से प्रेरित बताया।
पूर्व सीएम को रोकने की साजिश: कांग्रेस
प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस पदाधिकारियों ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार विपक्ष की आवाज दबाने की साजिश कर रही है। उन्होंने बताया कि पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल हसदेव अरण्य, तमनार क्षेत्र में वनों की कटाई और औद्योगिक घरानों को माइनिंग एरिया सौंपने जैसे मुद्दों को विधानसभा में उठाने वाले थे। लेकिन प्रश्नकाल से पूर्व ही उनके बेटे चैतन्य बघेल को ईडी द्वारा गिरफ्तार कर उन्हें मानसिक रूप से बाधित करने का प्रयास किया गया।
प्रदेश कांग्रेस महासचिव रजनू नेताम ने कहा, “ईडी का इस्तेमाल अब भाजपा का राजनीतिक हथियार बन गया है। केंद्र की सत्ता में बैठी सरकार विपक्ष को डराने और दबाने के लिए संवैधानिक संस्थाओं का दुरुपयोग कर रही है।”
कार्यकर्ताओं में भारी आक्रोश
जिला कांग्रेस अध्यक्ष बिसेल नाग ने कहा कि केंद्र सरकार लोकतांत्रिक मूल्यों को कुचलने का काम कर रही है। ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष रवि देवांगन और शहर कांग्रेस अध्यक्ष रघु मानिकपुरी ने संयुक्त रूप से कहा कि यह गिरफ्तारी केवल विपक्ष की आवाज को रोकने का तरीका है, लेकिन कांग्रेस इससे डरने वाली नहीं है। हम सड़कों पर उतरकर लोकतंत्र की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रखेंगे।
महिलाओं और युवाओं की भी सक्रिय भागीदारी
महिला कांग्रेस अध्यक्ष रशीला कश्यप और यूथ कांग्रेस अध्यक्ष बोधन देवांगन ने कहा कि कांग्रेस के युवा और महिलाएं भी इस अन्याय के खिलाफ सड़कों पर उतर चुके हैं। उन्होंने कहा कि अगर जल्द ही चैतन्य बघेल को रिहा नहीं किया गया, तो प्रदेशभर में आंदोलन और तेज होगा।
प्रशासनिक व्यवस्था रही चौकस, यातायात हुआ बाधित
जय स्तंभ चौक पर हुए चक्काजाम के चलते शहर की यातायात व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई। लगभग दो घंटे तक वाहनों की लंबी कतारें लगी रहीं। मौके पर पुलिस बल तैनात रहा और स्थिति को शांतिपूर्वक नियंत्रित करने का प्रयास किया गया। बाद में प्रशासनिक हस्तक्षेप के बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने चक्काजाम समाप्त किया।
ये रहे प्रमुख मौजूद
चक्काजाम में प्रदेश कांग्रेस महासचिव रजनू नेताम, सचिव राजेश दीवान, देवनाथ उसेंडी, जिला अध्यक्ष बिसेल नाग, ब्लॉक अध्यक्ष रवि देवांगन, शहर अध्यक्ष रघु मानिकपुरी, महिला कांग्रेस अध्यक्ष रशीला कश्यप, यूथ कांग्रेस अध्यक्ष बोधन देवांगन, एनएसयूआई अध्यक्ष विजय सलाम, नगर पालिका की पूर्व अध्यक्ष सुनीता मांझी, उपाध्यक्ष प्रमोद नैलवाल, गजा पटेल, शेख तौहीद अहमद, वीपी शुक्ला, संतोष राव, संजय राय, सोनिका पोर्ते, सुलोता मंडल, शब्बीर बढ़गुजर, रमेश ध्रुव सहित सैकड़ों कार्यकर्ता मौजूद रहे।
संविधान और लोकतंत्र की रक्षा का संकल्प
अंत में कांग्रेस नेताओं ने स्पष्ट किया कि यह लड़ाई सिर्फ एक गिरफ्तारी के खिलाफ नहीं, बल्कि संविधान और लोकतंत्र की रक्षा के लिए है। कांग्रेस कार्यकर्ता सड़कों से लेकर सदन तक इस लड़ाई को मजबूती से लड़ेंगे।




