भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी ने मुकेश चंद्राकर की हत्या की सीबीआई जांच की मांग की

भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी ने मुकेश चंद्राकर की हत्या की सीबीआई जांच की मांग की
नारायणपुर 4 जून 2025: बस्तर के जुझारू पत्रकार मुकेश चंद्राकर की निर्मम हत्या के बाद भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीआई) ने इसकी सीबीआई जांच कराने की मांग की है। सीपीआई ने इस हत्या को छत्तीसगढ़ में भ्रष्टाचार, संविधान, लोकतंत्र, मानवाधिकार, और समाजिक समरसता पर हमला करार दिया है।
भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी जिला परिषद नारायणपुर के जिला सह सचिव फूलसिंह कचलाम ने पत्रकार मुकेश चंद्राकर की हत्या की कड़ी निंदा की और इसे राजनेताओं, अधिकारियों और माफियाओं के गठजोड़ का परिणाम बताया। उन्होंने कहा कि मुकेश चंद्राकर ने बस्तर क्षेत्र में आदिवासियों के अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष किया था, साथ ही उन्होंने फर्जी गिरफ्तारियों, मुठभेड़ों और प्राकृतिक संसाधनों को कॉरपोरेट्स के हवाले करने की साजिशों को उजागर किया था।
फूलसिंह कचलाम ने यह भी बताया कि हाल ही में चंद्राकर ने गंगालूर से मिरतुल तक सड़क निर्माण में घटिया गुणवत्ता और भ्रष्टाचार का पर्दाफाश किया था, जिसके बाद किसी भी दोषी के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई। इस प्रकार की रिपोर्टिंग ने भ्रष्टाचार को बेनकाब किया, लेकिन इसके बावजूद कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए।
सीपीआई ने आरोप लगाया कि मुकेश चंद्राकर की हत्या राजनेताओं और माफियाओं के बीच सांठगांठ और भ्रष्टाचार के खेल का परिणाम है। पार्टी ने सीबीआई जांच की मांग करते हुए इस साजिश के सभी पहलुओं को उजागर करने का आग्रह किया है।
सीपीआई ने मुकेश चंद्राकर को अपनी भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके शोक संतप्त परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की है।




