नारायणपुर

11 सूत्रीय मांगों पर गरजा कर्मचारी फेडरेशन, पदोन्नति से लेकर नियमितीकरण तक उठी आवाज

अपर कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन, वेतन विसंगति दूर करने व सेवा लाभ सुनिश्चित करने की मांग तेज

नारायणपुर। जिले में कर्मचारी-अधिकारियों की लंबित मांगों को लेकर बुधवार को बड़ा आंदोलनात्मक माहौल देखने को मिला। छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन, जिला नारायणपुर ने अपनी 11 सूत्रीय मांगों को लेकर अपर कलेक्टर को मुख्यमंत्री एवं मुख्य सचिव, छत्तीसगढ़ शासन के नाम ज्ञापन सौंपा।

फेडरेशन ने साफ संकेत दिया है कि यदि समय रहते मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो आने वाले दिनों में आंदोलन तेज किया जाएगा।

जिला संयोजक डॉ. दीपेश रावटे ने बताया कि कर्मचारियों की वर्षों से लंबित मांगों की अनदेखी से असंतोष लगातार बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों के हित में सरकार को जल्द ठोस निर्णय लेने होंगे।


समयमान वेतनमान और पदोन्नति पर जोर

ज्ञापन में प्रमुख रूप से चार स्तरीय समयमान वेतनमान लागू करने की मांग उठाई गई है। फेडरेशन ने 8, 16, 24 एवं 32 वर्ष की सेवा पूर्ण करने पर क्रमशः पदोन्नत समयमान वेतनमान देने की व्यवस्था लागू करने की मांग की है।

इसके साथ ही मध्यप्रदेश की तर्ज पर अर्जित अवकाश नगदीकरण की सीमा 300 दिवस तक बढ़ाने का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया है।


वेतन विसंगतियों को लेकर उठी आवाज

फेडरेशन ने विभिन्न विभागों में व्याप्त वेतन असमानताओं को गंभीर मुद्दा बताते हुए पिंगुआ कमेटी की रिपोर्ट सार्वजनिक करने की मांग की है।

लिपिक संवर्ग, शिक्षक, स्वास्थ्य विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग सहित कई वर्गों में वेतन विसंगतियों को दूर करने की मांग ज्ञापन में शामिल है।


शिक्षकों और कर्मचारियों के लिए विशेष मांगें

ज्ञापन में शिक्षकों की प्रथम नियुक्ति तिथि से सेवा गणना करते हुए समस्त सेवा लाभ प्रदान करने की मांग की गई है।

सहायक शिक्षकों एवं सहायक पशु चिकित्सा अधिकारियों को त्रिस्तरीय समयमान वेतनमान देने का मुद्दा भी प्रमुख रूप से उठाया गया।


अनुकंपा नियुक्ति और नियमितीकरण का मुद्दा गरमाया

फेडरेशन ने अनुकंपा नियुक्ति को निःशर्त लागू करने की मांग करते हुए 10 प्रतिशत की वर्तमान सीमा समाप्त करने की बात कही है।

साथ ही पंचायत सचिवों के शासकीयकरण, नगरीय निकाय कर्मचारियों को नियमित वेतन और समयबद्ध पदोन्नति देने की मांग भी प्रमुखता से रखी गई।


सेवानिवृत्ति आयु बढ़ाने और रिक्त पद भरने की मांग

कर्मचारियों की कमी को देखते हुए सेवानिवृत्ति आयु 65 वर्ष करने की मांग भी सामने आई है।

इसके साथ ही कार्यभारित, दैनिक वेतनभोगी, संविदा एवं अनियमित कर्मचारियों के नियमितीकरण की मांग दोहराई गई।

फेडरेशन ने आधार आधारित उपस्थिति प्रणाली को समाप्त करने और सेवानिवृत्ति के बाद संविदा नियुक्तियों पर रोक लगाने की मांग भी रखी है।

विभागों में लंबे समय से खाली पड़े पदों पर शीघ्र भर्ती की अनुमति देने की मांग भी ज्ञापन में शामिल है।


बड़ी संख्या में कर्मचारी रहे मौजूद

ज्ञापन सौंपने के दौरान जिला संयोजक डॉ. दीपेश रावटे के साथ महामंत्री तुलाराम नेताम, सत्यशीला मेश्राम, कोषाध्यक्ष कन्हैयालाल उईके, सहसचिव मंगलूराम उसेंडी, अमर सिंह नाग, सुखराम वड्डे, राजू पोटाई, जगजीत ठाकुर सहित बड़ी संख्या में कर्मचारी एवं अधिकारी उपस्थित रहे।


बढ़ सकता है आंदोलन

फेडरेशन के तेवरों से साफ है कि यदि सरकार ने जल्द निर्णय नहीं लिया, तो यह मुद्दा प्रदेश स्तर पर बड़ा आंदोलन बन सकता है। कर्मचारी संगठनों की एकजुटता आने वाले समय में शासन के लिए चुनौती बन सकती है।

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