महासमुंद में 15 माओवादियों ने डाली बंदूकें, बीबीएम डिवीजन हुआ पूरी तरह समाप्त

उपमुख्यमंत्री ने किया स्वागत, 25 लाख का इनामी विकास उर्फ जंगू भी शामिल
रायपुर, 1 मार्च। ओडिशा सीमा से लगे महासमुंद जिले में शनिवार को एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम सामने आया, जब बरगढ़-बलांगीर-महासमुंद (बीबीएम) डिवीजन के 15 माओवादियों ने छत्तीसगढ़ शासन की पुनर्वास नीति पर भरोसा जताते हुए हथियारों सहित आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा में लौटने का निर्णय लिया। इस सामूहिक पुनर्वास के साथ ओडिशा राज्य कमेटी के पश्चिमी सब-जोन का बीबीएम डिवीजन पूर्णतः समाप्त घोषित किया गया।
यह आत्मसमर्पण “पूना मारगेम पुनर्वास से पुनर्जीवन” कार्यक्रम के अंतर्गत महासमुंद में संपन्न हुआ। उपमुख्यमंत्री ने पुनर्वास का मार्ग चुनने वाले सभी युवाओं का स्वागत करते हुए उन्हें नई शुरुआत के लिए शुभकामनाएं दीं।
भयमुक्त होगा सीमावर्ती क्षेत्र

उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि बीबीएम डिवीजन के समाप्त होने से रायपुर पुलिस रेंज और ओडिशा के संबलपुर रेंज क्षेत्र में शांति और सुरक्षा का नया वातावरण बनेगा। सीमावर्ती इलाकों में अब लोग भयमुक्त जीवन जी सकेंगे। उन्होंने विश्वास जताया कि केंद्र और राज्य सरकार के समन्वित प्रयासों से छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का समूल उन्मूलन तय समयसीमा में होगा।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में तैयार की गई दूरदर्शी पुनर्वास नीति के कारण ही यह संभव हो सका है। केंद्रीय गृह मंत्री द्वारा तय समयावधि में नक्सलवाद समाप्त करने के संकल्प की दिशा में यह बड़ी उपलब्धि है।
अपील के बाद सामने आए माओवादी
उल्लेखनीय है कि इससे पूर्व बीबीएम डिवीजन के सदस्यों ने उपमुख्यमंत्री को पत्र लिखकर शासन की नीतियों पर विश्वास जताते हुए पुनर्वास की इच्छा व्यक्त की थी। इसके प्रत्युत्तर में श्री शर्मा ने उनकी सुरक्षा और सम्मान का आश्वासन देते हुए आकाशवाणी के माध्यम से 3 मार्च तक आत्मसमर्पण की अपील की थी। इसी अपील के बाद 15 माओवादियों ने सामूहिक रूप से पुनर्वास का निर्णय लिया।
25 लाख का इनामी भी शामिल
आत्मसमर्पण करने वालों में वारंगल निवासी विकास उर्फ सुदर्शन उर्फ जंगू उर्फ बाबन्ना उर्फ राजन्ना प्रमुख है, जो ओडिशा राज्य कमेटी का स्टेट कमेटी मेंबर एवं बीबीएम डिवीजन प्रभारी रहा है। उस पर 25 लाख रुपये का इनाम घोषित था। वह वर्ष 1985 से संगठन में सक्रिय बताया गया।
कुल 15 माओवादियों में 9 महिलाएं और 6 पुरुष शामिल हैं। उन्होंने अपने साथ 14 अत्याधुनिक एवं ऑटोमेटिक हथियार भी सौंपे, जिनमें 3 एके-47, 2 एसएलआर, 2 इंसास, 4 .303 राइफल और 3 बारह बोर बंदूकें शामिल हैं।
पुनर्वास से नई राह
सरकारी सूत्रों के अनुसार, पुनर्वास नीति के अंतर्गत आत्मसमर्पण करने वाले युवाओं को आर्थिक सहायता, कौशल प्रशिक्षण और समाज की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए आवश्यक सहयोग प्रदान किया जाएगा। प्रशासन का मानना है कि यह सामूहिक आत्मसमर्पण नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में विश्वास बहाली की दिशा में एक निर्णायक कदम साबित होगा।




