
3.61 करोड़ नकद और 1.64 करोड़ का एक किलो सोना बरामद, 3.29 करोड़ के इनामी माओवादी मुख्यधारा में लौटे…
(कैलाश सोनी नारायणपुर) जगदलपुर/नारायणपुर, 11 मार्च। बस्तर में नक्सल विरोधी अभियान को बड़ी सफलता मिली है। दंडकारण्य स्पेशल जोनल कमेटी (DKSZC) से जुड़े 108 माओवादी कैडरों ने हिंसा का रास्ता छोड़कर समाज की मुख्यधारा में वापसी की है। इस दौरान सुरक्षा बलों ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 3 करोड़ 61 लाख रुपए नकद और 1 करोड़ 64 लाख रुपए मूल्य का 1 किलो सोना भी बरामद किया है।

इसके साथ ही AK-47, INSAS, LMG और BGL सहित कुल 101 घातक हथियार भी बरामद किए गए, जिससे नक्सली संगठन की सैन्य क्षमता को बड़ा झटका लगा है। आत्मसमर्पण करने वाले माओवादी कैडरों पर कुल 3.29 करोड़ रुपए का इनाम घोषित था।
बस्तर संभाग मुख्यालय जगदलपुर स्थित शौर्य भवन पुलिस कोऑर्डिनेशन सेंटर, लालबाग में आयोजित “पूना मारोम – पुनर्वास से पुनर्जीवन” कार्यक्रम के तहत यह सामूहिक आत्मसमर्पण हुआ। कार्यक्रम में पुलिस महानिदेशक अरुण देव गौतम, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (नक्सल ऑप्स) विवेकानंद, बस्तर रेंज पुलिस महानिरीक्षक सुंदरराज पी., सीआरपीएफ अधिकारी तथा संभाग के सभी जिलों के पुलिस अधीक्षक और प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे।
44 महिला नक्सली भी शामिल
आत्मसमर्पण करने वालों में माओवादी संगठन के विभिन्न स्तरों के कैडर शामिल हैं। इनमें
- 05 डिविजनल कमेटी सदस्य (DVCM)
- 02 कंपनी स्तर के अधिकारी (CYPC/M)
- 15 प्लाटून पार्टी कमेटी सदस्य (PPCM)
- 21 एरिया कमेटी सदस्य (ACM)
- 63 पार्टी सदस्य (PM)
शामिल हैं। इन 108 कैडरों में 44 महिला माओवादी भी शामिल हैं।
हथियारों का बड़ा जखीरा बरामद
सुरक्षा बलों ने आत्मसमर्पण करने वाले कैडरों से मिली सूचना के आधार पर विभिन्न स्थानों पर कार्रवाई करते हुए कुल 101 हथियार बरामद किए। इनमें प्रमुख रूप से
- AK-47 राइफल – 06
- AK-47 TAR – 01
- INSAS राइफल – 10
- कार्बाइन – 01
- SLR राइफल – 05
- LMG – 04
- .303 राइफल – 20
- 12 बोर राइफल – 25
- BGL लॉन्चर – 11
- 51 मिमी मोर्टार – 01
- 315 बोर राइफल – 03
- मजल लोडिंग (भरमार) राइफल – 13
जैसे हथियार शामिल हैं।
नारायणपुर से सबसे ज्यादा 49 हथियार
जिला-वार कार्रवाई में नारायणपुर जिले से सर्वाधिक 49 हथियार बरामद किए गए। इसके अलावा
- बस्तर से 24
- सुकमा से 12
- बीजापुर से 09
- दंतेवाड़ा से 05
- कांकेर से 02 हथियार बरामद हुए।
26 महीनों में 2714 नक्सलियों ने छोड़ा हिंसा का रास्ता
पुलिस अधिकारियों के अनुसार “पूना मारोम – पुनर्वास से पुनर्जीवन” अभियान का असर तेजी से दिख रहा है। पिछले 26 महीनों में छत्तीसगढ़ में 2714 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा का रास्ता अपनाया है।
वहीं 1 जनवरी 2024 से 9 मार्च 2026 तक बस्तर संभाग में 2625 नक्सली आत्मसमर्पण कर चुके हैं।
पुनर्वास, रोजगार और सम्मानजनक जीवन का अवसर
राज्य शासन की नक्सल आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति के तहत आत्मसमर्पण करने वाले कैडरों को आर्थिक सहायता, कौशल प्रशिक्षण, शिक्षा, आवास और रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जाएंगे।
पुलिस महानिरीक्षक सुंदरराज पी. ने कहा कि यह पहल बस्तर में शांति, विकास और विश्वास के वातावरण को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने शेष नक्सलियों से भी हिंसा का रास्ता छोड़कर समाज की मुख्यधारा में लौटने की अपील की।




