प्रोजेक्ट धड़कन : 80 संस्थानों में 1488 बच्चों की हृदय जांच, एक संदिग्ध बच्चा रेफर
23 से 31 मार्च तक आंगनबाड़ी केंद्रों में विशेष शिविर

(कैलाश सोनी) नारायणपुर, 22 मार्च। जिले में बच्चों के हृदय स्वास्थ्य की जांच के लिए चलाया जा रहा “प्रोजेक्ट धड़कन” संवेदनशील पहल के रूप में सामने आया है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में तथा कलेक्टर नम्रता जैन के मार्गदर्शन में यह अभियान स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने की दिशा में प्रभावी साबित हो रहा है। इसके तहत ग्रामीण व दूरस्थ क्षेत्रों के स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों की नियमित स्क्रीनिंग की जा रही है।
सीएमएचओ डॉ. कुंवर ने बताया कि आधुनिक स्टेथोस्कोप एवं अन्य उपकरणों की मदद से स्वास्थ्य विभाग की टीम बच्चों के हृदय की ध्वनियों और ईसीजी संकेतों की जांच कर रही है। अभियान का उद्देश्य हृदय रोगों की प्रारंभिक अवस्था में पहचान कर जरूरतमंद बच्चों को उच्च चिकित्सा संस्थानों में निःशुल्क उपचार उपलब्ध कराना है।
फरवरी से अब तक 80 संस्थानों में जांच
स्वास्थ्य विभाग द्वारा फरवरी 2026 से 14 मार्च 2026 तक जिले के 80 संस्थानों में जांच की गई, जिसमें 18 स्कूल और 62 आंगनबाड़ी केंद्र शामिल हैं। इस दौरान कुल 1488 बच्चों की जांच की गई, जिनमें 675 स्कूल और 813 आंगनबाड़ी के बच्चे शामिल हैं। जांच के दौरान एक बच्चा संभावित हृदय रोग से प्रभावित पाया गया, जिसे जिला चिकित्सालय में प्राथमिक जांच के बाद रायपुर स्थित सत्य साईं अस्पताल रेफर किया गया है।
23 से 31 मार्च तक विशेष शिविर
प्रोजेक्ट धड़कन के तहत 23 से 31 मार्च तक विभिन्न आंगनबाड़ी केंद्रों में विशेष शिविर आयोजित किए जाएंगे। 23 मार्च को कोंगेरा और बडेनहोड़, 24 मार्च को कोशलनार, कोशलपारा व हाथीबेड़ा, 25 मार्च को धौड़ाई, 26 मार्च को सुलेंगा व कन्हारगांव, 27 मार्च को तीरकानार व छोटेकुम्हारी, 28 मार्च को कोकपाड़, डूडमी व बांसपाल, 30 मार्च को छोटेडोंगर तथा 31 मार्च को बड़गांव व खासपारा-नयापारा में शिविर लगाए जाएंगे।
ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूती
यह अभियान न केवल बच्चों के स्वास्थ्य की नियमित निगरानी सुनिश्चित कर रहा है, बल्कि दूरस्थ क्षेत्रों में गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच भी बढ़ा रहा है। जिला प्रशासन ने अभिभावकों से अपील की है कि वे स्वास्थ्य टीम के पहुंचने पर अपने बच्चों की जांच अवश्य कराएं, ताकि समय रहते उपचार संभव हो सके।



