जंगल से जिंदगी… अब गूंजी किलकारी
ITBP के रेस्क्यू के बाद सुरक्षित प्रसव, मां ने स्वस्थ बालिका को दिया जन्म

इंद्रावती के घने जंगलों से शुरू हुई जिंदगी बचाने की जंग अब खुशियों की किलकारी में बदल गई है। बोटेर गांव से ITBP जवानों द्वारा दुर्गम रास्तों से रेस्क्यू की गई गर्भवती महिला ने ओरछा में एक स्वस्थ बालिका को जन्म दिया है। मां और शिशु दोनों पूरी तरह सुरक्षित हैं।

रेस्क्यू से राहत… अब खुशियों का पल
27 मार्च को ITBP की 29वीं बटालियन और नारायणपुर पुलिस की संयुक्त टीम ने करीब 5 किलोमीटर तक जंगल-पहाड़ पार कर महिला को स्ट्रेचर से निकालकर एंबुलेंस तक पहुंचाया था। समय पर इलाज मिलने से आज यह प्रयास एक सुखद परिणाम में बदल गया।
तस्वीरों में दिखी सुकून भरी मुस्कान
ओरछा मुख्यालय से सामने आई तस्वीर में मां अपनी नवजात बच्ची को गोद में लिए नजर आ रही है। चेहरे पर थकान के बीच सुकून और संतोष साफ झलक रहा है—मानो कठिन सफर के बाद जिंदगी ने नई शुरुआत की हो।
मानवता की मिसाल बने जवान
यह घटना एक बार फिर साबित करती है कि सुरक्षा बल सिर्फ सुरक्षा तक सीमित नहीं, बल्कि दूरस्थ इलाकों में जीवन बचाने और उम्मीद जगाने का काम भी कर रहे हैं।
अबूझमाड़ के जंगलों से निकली यह कहानी सिर्फ रेस्क्यू नहीं, बल्कि जिंदगी और उम्मीद की जीत है।




