‘कल का नक्सल गढ़’ अब बना डिजिटल हब, कुतुल में गूंजी मोबाइल की घंटी

4G कनेक्टिविटी से जुड़ा अबूझमाड़ का दुर्गम इलाका, शासन की योजनाओं से खुला विकास का नया रास्ता
नारायणपुर, 01 मार्च 2026। कभी नक्सल गतिविधियों के कारण देशभर में सुर्खियों में रहने वाला अबूझमाड़ क्षेत्र अब डिजिटल क्रांति की ओर कदम बढ़ा चुका है। जिला मुख्यालय से लगभग 50 किलोमीटर दूर स्थित ग्राम कुतुल में 4G मोबाइल नेटवर्क शुरू होने से गांव और आसपास के क्षेत्रों में संचार की नई सुबह हुई है। वर्षों से मोबाइल सिग्नल के इंतजार में बैठे ग्रामीणों के लिए यह पहल किसी सौगात से कम नहीं है।

राज्य सरकार के दिशा-निर्देशानुसार जिला प्रशासन द्वारा नियद नेल्ला नार योजना, एलडब्ल्यूई-II तथा आकांक्षी जिला कार्यक्रम के तहत अबूझमाड़ के दुर्गम और पूर्व में मूलभूत सुविधाओं से वंचित गांवों में विकास कार्यों का विस्तार किया जा रहा है। इसी कड़ी में 16 जनवरी 2026 को ग्राम कुतुल में मोबाइल टॉवर स्थापित किया गया, जिससे अब क्षेत्र में 4G कनेक्टिविटी उपलब्ध हो गई है।
मोबाइल नेटवर्क शुरू होते ही ग्रामीणों में उत्साह का माहौल देखने को मिला। अब लोग अपने परिजनों से आसानी से संपर्क कर पा रहे हैं, ऑनलाइन जानकारी हासिल कर रहे हैं और शासकीय योजनाओं से सीधे जुड़ रहे हैं। विद्यार्थियों को पढ़ाई में सहूलियत मिल रही है, वहीं युवा डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से रोजगार और स्वरोजगार के अवसर तलाश पा रहे हैं।
जिला कलेक्टर ने कहा कि अबूझमाड़ के अंदरूनी क्षेत्रों में मोबाइल टॉवर की स्थापना से नेटवर्क कवरेज बेहतर हुआ है। इससे ग्रामीणों को दैनिक जीवन में संचार की सुविधा मिली है और वे शासन की योजनाओं की जानकारी समय पर प्राप्त कर सकेंगे। उन्होंने विश्वास जताया कि यह पहल क्षेत्र के समग्र विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
डिजिटल कनेक्टिविटी से अबूझमाड़ के गांव न केवल संचार के दायरे में आए हैं, बल्कि विकास की मुख्यधारा से भी जुड़ने लगे हैं। ‘नक्सल गढ़’ की पहचान को पीछे छोड़ अब कुतुल जैसे गांव डिजिटल हब की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं, जहां मोबाइल की घंटी विकास की नई दस्तक बनकर गूंज रही है।




