आईटीबीपी का सिविक एक्शन प्रोग्राम, ग्रामीणों को मिली उपयोगी सामग्री
नशामुक्ति का संदेश, समस्याओं के समाधान का दिया आश्वासन

(कैलाश सोनी) नारायणपुर, 22 मार्च 2026। नक्सल प्रभावित क्षेत्र में जनसंपर्क और विश्वास बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए 38वीं वाहिनी आईटीबीपी द्वारा एडजूम स्थित सीओबी कैम्प परिसर में सिविक एक्शन प्रोग्राम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम कमांडेंट रोशन सिंह असवाल के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ, जिसमें एडजूम एवं बड़े टोंडेबेड़ा गांव के लगभग 80 ग्रामीणों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
कार्यक्रम में स्कूली बच्चों, महिलाओं, बुजुर्गों एवं युवाओं की उल्लेखनीय उपस्थिति रही। इस दौरान ग्रामीणों को दैनिक उपयोग की आवश्यक सामग्री जैसे कृषि औजार, पानी पल्ला, ट्रैकसूट, सोलर लाइट, पानी के जग, चप्पल एवं साइकिल पंप का वितरण किया गया। स्थानीय जनप्रतिनिधियों—सरपंच, पंच एवं प्रधानाध्यापक सहित गणमान्य नागरिकों ने भी आयोजन को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

ग्रामीणों ने आईटीबीपी के इस जनकल्याणकारी प्रयास की सराहना करते हुए आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम के दौरान ग्रामीणों ने अपनी समस्याएं भी अधिकारियों के समक्ष रखीं, जिस पर सीओबी कमांडर निरीक्षक जी.डी. नरेन्द्र यादव ने गंभीरता से सुनवाई करते हुए शीघ्र समाधान का भरोसा दिलाया।
कार्यक्रम के साथ ही नशामुक्ति को लेकर विशेष जागरूकता अभियान भी चलाया गया। ग्रामीणों को नशे के दुष्प्रभावों के बारे में विस्तार से जानकारी देते हुए बताया गया कि यह न केवल शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को प्रभावित करता है, बल्कि पारिवारिक एवं आर्थिक स्थिति पर भी प्रतिकूल असर डालता है। उन्हें नशे से दूर रहकर स्वस्थ एवं सम्मानजनक जीवन जीने के लिए प्रेरित किया गया।
कार्यक्रम में शामिल ग्रामीणों के लिए कैम्प परिसर में दोपहर भोजन की भी व्यवस्था की गई, जिससे आयोजन में सहभागिता और भी बढ़ी।
गौरतलब है कि गृह मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा नक्सल प्रभावित क्षेत्रों के विकास एवं आदिवासी समुदाय के उत्थान के लिए विभिन्न योजनाएं संचालित की जा रही हैं। इन योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन में सुरक्षा बलों की अहम भूमिका है। आईटीबीपी अधिकारियों ने बताया कि क्षेत्र के विकास और जनकल्याण के लिए भविष्य में भी इस तरह के सिविक एक्शन कार्यक्रम लगातार आयोजित किए जाते रहेंगे। कार्यक्रम को सफल बनाने में आईटीबीपी जवानों के साथ छत्तीसगढ़ पुलिस के जवानों ने भी सक्रिय योगदान दिया।




