छत्तीसगढ़

‘संकल्प’ बजट से बदलेगा बस्तर का भविष्य

शिक्षा–स्वास्थ्य–सिंचाई–रोजगार में ऐतिहासिक निवेश, समग्र विकास का रोडमैप तैयार

अबूझमाड़–जगरगुंडा एजुकेशन सिटी को 100 करोड़, सिंचाई के लिए 2,024 करोड़ का प्रावधान

रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा प्रस्तुत वर्ष 2026 का ‘संकल्प’ थीम आधारित बजट बस्तर सहित पूरे प्रदेश के लिए दूरदर्शी सोच और संतुलित विकास का दस्तावेज बनकर सामने आया है। वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री केदार कश्यप ने इस जनोन्मुखी बजट को बस्तर के सर्वांगीण विकास का रोडमैप बताते हुए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार जताया। उन्होंने कहा कि यह बजट केवल आय–व्यय का लेखा-जोखा नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की उन्नति, आत्मनिर्भरता और समावेशी विकास का संकल्प-पत्र है।

मंत्री कश्यप ने कहा कि वर्षों से उपेक्षित रहे दूरस्थ अंचलों को मुख्यधारा से जोड़ने की स्पष्ट प्रतिबद्धता इस बजट में झलकती है। शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, सिंचाई, डिजिटल कनेक्टिविटी, खेल, पर्यटन और आजीविका—हर क्षेत्र में संतुलित निवेश से बस्तर के विकास को नई गति मिलेगी।

युवा, शिक्षा और खेल को नई उड़ान

अबूझमाड़–जगरगुंडा में एजुकेशन सिटी के लिए 100 करोड़ का प्रावधान बस्तर में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के मजबूत आधार का निर्माण करेगा। वहीं बस्तर ओलंपिक के लिए 5 करोड़ का आवंटन स्थानीय युवाओं की प्रतिभा को राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने में सहायक होगा।

स्वास्थ्य सेवाओं को मिलेगा विस्तार

बस्तर अंचल में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए दंतेवाड़ा मेडिकल कॉलेज हेतु 50 करोड़ तथा जगदलपुर सुपर स्पेशलिटी अस्पताल के माध्यम से विशेषज्ञ उपचार की उपलब्धता सुनिश्चित होगी। इससे दूरस्थ इलाकों के मरीजों को अब बड़े शहरों की ओर पलायन नहीं करना पड़ेगा।

डिजिटल कनेक्टिविटी और परिवहन को बढ़ावा

दूरस्थ गांवों तक इंटरनेट पहुंचाने के लिए बस्तरनेट परियोजना में 5 करोड़ का प्रावधान किया गया है। वहीं मुख्यमंत्री बस सेवा योजना (10 करोड़) से बस्तर में आवागमन सुगम होगा और ग्रामीण–शहरी संपर्क मजबूत होगा।

पर्यटन और स्थानीय रोजगार को प्रोत्साहन

होम-स्टे नीति के लिए 10 करोड़ के प्रावधान से बस्तर–सरगुजा क्षेत्र में सांस्कृतिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। इससे स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को बल मिलेगा।

आजीविका, कृषि और वन आधारित अर्थव्यवस्था को संबल

ग्रामीण व वनांचल क्षेत्रों में आजीविका सुदृढ़ करने के लिए एग्रो एवं फॉरेस्ट प्रोसेसिंग निवेश अनुदान (100 करोड़) तथा बकरी, सूकर एवं मधुमक्खी पालन (15 करोड़) जैसे प्रावधान किए गए हैं। इससे स्थानीय स्तर पर मूल्य संवर्धन और स्वरोजगार के अवसर बढ़ेंगे।

सिंचाई परियोजनाओं से बदलेगी खेती की तस्वीर

बस्तर की सिंचाई को स्थायी संबल देने के लिए इंद्रावती नदी पर मातनार एवं देउरगांव बैराज व 68 किमी नहर के लिए 2,024 करोड़, महादेवघाट बैराज के लिए 100 करोड़ और मद्देमारका डायवर्जन योजना के लिए 110 करोड़ का प्रावधान किया गया है। इन परियोजनाओं से कृषि उत्पादन बढ़ेगा और किसानों की आय में स्थिरता आएगी।

वन सुरक्षा और रोजगार: 1000 नई भर्तियां

वन संरक्षण और वन आधारित आजीविका को मजबूती देने के लिए फॉरेस्ट विभाग में 1000 भर्तियों का प्रावधान किया गया है। इससे एक ओर वन सुरक्षा सुदृढ़ होगी, वहीं स्थानीय युवाओं को रोजगार के अवसर मिलेंगे।

बस्तर विकास प्राधिकरण को नई ताकत

क्षेत्रीय योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए बस्तर विकास प्राधिकरण को 75 करोड़ का समर्थन दिया गया है, जिससे सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य और आजीविका से जुड़ी परियोजनाओं को गति मिलेगी।

मंत्री केदार कश्यप ने विश्वास जताया कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में प्रस्तुत ‘संकल्प’ बजट बस्तर को आत्मनिर्भर, सुरक्षित और समृद्ध बनाने की दिशा में निर्णायक भूमिका निभाएगा। वित्तीय अनुशासन के साथ संसाधनों के सृजन का यह मॉडल ‘विकसित छत्तीसगढ़’ के लक्ष्य को जमीन पर उतारने की मजबूत नींव बनेगा।

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