नारायणपुर

अबूझमाड़ की बेटियों ने रचा उत्सव का इतिहास

वीरांगना रमोतीन माड़िया आदर्श महिला महाविद्यालय में वार्षिकोत्सव बना शिक्षा–संस्कृति–खेल का रंगीन संगम

नारायणपुर। अबूझमाड़ अंचल के हृदय में स्थित वीरांगना रमोतीन माड़िया आदर्श महिला महाविद्यालय मंगलवार को उत्सवधर्मिता, सृजनात्मकता और आत्मविश्वास की जीवंत तस्वीर बन गया। वार्षिकोत्सव एवं पुरस्कार वितरण समारोह में शिक्षा, संस्कृति, खेल और रचनात्मक अभिव्यक्तियों का ऐसा सुंदर संगम देखने को मिला, जिसने छात्राओं की प्रतिभा को मंच ही नहीं, पहचान भी दी।

समारोह की अध्यक्षता महाविद्यालय के नवपदस्थापित प्राचार्य प्रो. बी. डी. चांडक ने की। मुख्य अतिथि जनभागीदारी अध्यक्ष प्रमिला प्रधान रहीं। विशिष्ट अतिथियों के रूप में प्रदेश प्रतिनिधि भाजपा छत्तीसगढ़ गौतम एस. गोलछा, डॉ. एस. आर. कुंजाम और पार्षद जैकी कश्यप की गरिमामयी उपस्थिति रही। कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्वलन एवं वंदना के साथ हुआ। महाविद्यालय परिवार की ओर से अतिथियों का पारंपरिक स्वागत पुष्पगुच्छ भेंट कर किया गया।

आईक्यूएसी प्रभारी प्रो. निहारिका सोरी ने स्वागत उद्बोधन प्रस्तुत किया। प्राचार्य प्रो. चांडक ने वार्षिक प्रतिवेदन में महाविद्यालय की शैक्षणिक उपलब्धियों के साथ सांस्कृतिक एवं सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों की प्रगति को रेखांकित करते हुए कहा कि छात्राओं का सर्वांगीण विकास ही संस्थान का मूल उद्देश्य है।

मुख्य अतिथि प्रमिला प्रधान ने अपने उद्बोधन में कहा कि महिला महाविद्यालय शिक्षा के क्षेत्र में नए आयाम स्थापित कर रहा है। आज छात्राएं विभिन्न विधाओं में सक्रिय सहभागिता कर महिला सशक्तिकरण की नई पहचान गढ़ रही हैं। जिले का एकमात्र महिला महाविद्यालय आने वाले समय में नई मिसालें कायम करेगा।

विशिष्ट अतिथि गौतम एस. गोलछा ने कहा कि लक्ष्य वही प्राप्त करता है जो निरंतर मेहनत करता है। प्रतिस्पर्धा से घबराने के बजाय आगे बढ़कर हिस्सा लेना ही सफलता की पहली सीढ़ी है। अग्रणी महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. एस. आर. कुंजाम ने कहा कि सफलता केवल अंकों तक सीमित नहीं होती—जीवन में बेहतर प्रदर्शन, आत्मविश्वास और नैतिक मूल्यों का समन्वय भी उतना ही जरूरी है। पार्षद जैकी कश्यप ने धैर्य और निरंतरता को सफलता का मूल मंत्र बताया।

दो दिवसीय कार्यक्रम के दौरान रंगोली, पुष्प सज्जा, खो-खो, मटका फोड़, शतरंज, गोला फेंक, कुर्सी दौड़, चित्रकला, ग्रीटिंग कार्ड निर्माण, केश सज्जा, भाषण और क्विज जैसी विविध खेल, साहित्यिक व सांस्कृतिक प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं। विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली छात्राओं को मंच से सम्मानित किया गया।

इस अवसर पर प्राध्यापक डॉ. अनिल कुमार भतपहरी, सरिता शुक्ला, डॉ. गोपाल पासवान, विपिन कुमार, हेमेन्द्र, दुलेश्वरी कांडरा, कु. दीपिका कोर्राम, कु. मीणा सहित कार्यालय स्टाफ फिंगिम नेताम, टेशवर बघेल, पुष्पा मारगिया, देवचरण, कु. लक्ष्मी तथा समस्त छात्राएं उपस्थित रहीं। कार्यक्रम का संचालन देवचरण एवं वरिष्ठ छात्रा कु. मंजू ने किया। अंत में राष्ट्रगान के साथ समारोह का समापन हुआ।

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