वनमंत्री केदार कश्यप ने ऐतिहासिक रेलवे बजट और रावघाट–जगदलपुर परियोजना के लिए जताया आभार
₹7470 करोड़ के प्रावधान से बस्तर के विकास को मिलेगी नई रफ्तार

कैलाश सोनी- नारायणपुर। देश में अधोसंरचना विकास को नई गति देते हुए केंद्र सरकार ने छत्तीसगढ़ के लिए रेलवे क्षेत्र में रिकॉर्ड ₹7470 करोड़ का बजट प्रावधान किया है। इस फैसले को राज्य के सामाजिक-आर्थिक विकास की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है। साथ ही, वर्षों से प्रतीक्षित रावघाट–जगदलपुर रेलवे परियोजना के आगे बढ़ने से बस्तर अंचल के लिए नई संभावनाओं के द्वार खुलते नजर आ रहे हैं।
इस उपलब्धि पर छत्तीसगढ़ शासन के वनमंत्री ने प्रदेशवासियों की ओर से , रेल मंत्री और मुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने इसे बस्तर के लिए “मील का पत्थर” बताते हुए कहा कि यह पहल क्षेत्र को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने वाली साबित होगी।
वनमंत्री ने कहा कि रावघाट–जगदलपुर परियोजना के शुरू होने से क्षेत्रीय संपर्क मजबूत होगा। शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और व्यापारिक गतिविधियों में तेजी आएगी। दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियों और सीमित परिवहन साधनों के कारण बस्तर लंबे समय तक अपेक्षाकृत पीछे रहा, लेकिन रेल कनेक्टिविटी सुदृढ़ होने से आवागमन आसान होगा और समय-लागत दोनों की बचत होगी।
उन्होंने बताया कि परियोजना के पूर्ण होने से औद्योगिक और निवेश संभावनाओं को भी बल मिलेगा। खनिज संपदा और प्राकृतिक संसाधनों से समृद्ध बस्तर नए उद्योगों के लिए आकर्षक बनेगा, जिससे स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के अवसर सृजित होंगे। कृषि और वनोपज आधारित उत्पादों को नए बाजार मिलेंगे, जिससे जनजातीय समुदाय की आय में सुधार की उम्मीद है।
पर्यटन के मोर्चे पर भी इस परियोजना को अहम माना जा रहा है। बेहतर रेल संपर्क से बस्तर की प्राकृतिक सुंदरता और सांस्कृतिक विरासत देश-विदेश के पर्यटकों तक आसानी से पहुंचेगी। वनमंत्री ने कहा कि यह केवल रेलवे लाइन नहीं, बल्कि बस्तर के उज्ज्वल भविष्य की ठोस नींव है—जो विश्वास, विकास और समावेशी प्रगति का प्रतीक बनेगी।
केदार कश्यप ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व, रेल मंत्री की प्रतिबद्धता और मुख्यमंत्री के सतत मार्गदर्शन से बस्तर विकास की नई राह पर आगे बढ़ रहा है। उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले वर्षों में यह क्षेत्र विकास की नई ऊंचाइयों को छुएगा।




