मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना से 166 जोड़े बंधे परिणय सूत्र में
इंडोर स्टेडियम माहका में सामूहिक विवाह, सादगीपूर्ण आयोजन बना प्रेरणा

कैलाश सोनी- नारायणपुर । गरीब और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए संबल बनकर उभरी मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के तहत जिले में इस वित्तीय वर्ष 2025–26 में 166 जोड़ों का विवाह सम्मानपूर्वक संपन्न कराया गया। इसी क्रम में मंगलवार को इंडोर स्टेडियम, माहका में आयोजित सामूहिक विवाह समारोह में नवदम्पतियों ने सामाजिक परंपराओं के अनुरूप परिणय सूत्र में बंधकर नए जीवन की शुरुआत की। लाभान्वित जोड़ों में आत्मसमर्पित परिवारों के 7 जोड़े भी शामिल रहे, जो पुनर्वास और मुख्यधारा से जुड़ाव की दिशा में सकारात्मक संकेत माना जा रहा है।

समारोह में जिला पंचायत अध्यक्ष नारायण मरकाम और नगर पालिका अध्यक्ष इंद्रप्रसाद बघेल की उपस्थिति ने आयोजन की गरिमा बढ़ाई। अतिथियों ने नवविवाहित जोड़ों को आशीर्वाद देते हुए सुखद, समृद्ध और खुशहाल दांपत्य जीवन की कामना की। कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों तथा महिला एवं बाल विकास विभाग की टीम की सक्रिय सहभागिता रही।

समारोह को संबोधित करते हुए जिला पंचायत अध्यक्ष नारायण मरकाम ने कहा कि मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना सादगीपूर्ण विवाह को प्रोत्साहन देने के साथ दहेज जैसी कुप्रथाओं पर प्रभावी अंकुश लगाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार की मंशा के अनुरूप जरूरतमंद परिवारों के बेटे-बेटियों का विवाह सम्मानजनक ढंग से संपन्न कराया जा रहा है, जिससे सामाजिक समरसता और समानता को बल मिल रहा है। नगर पालिका अध्यक्ष इंद्रप्रसाद बघेल ने योजना को गरीब परिवारों के आत्मसम्मान और मनोबल को मजबूत करने वाली बताते हुए इसे सामाजिक परिवर्तन का प्रभावी माध्यम कहा।
योजना के तहत पात्र परिवारों को कुल 50 हजार रुपये की सहायता दी जाती है, जिसमें 15 हजार रुपये की सामग्री और 35 हजार रुपये की राशि बैंक ड्राफ्ट अथवा खाते के माध्यम से प्रदान की जाती है। इसका उद्देश्य विवाह में आने वाली आर्थिक बाधाओं को दूर करना, अनावश्यक खर्च पर रोक लगाना और सामूहिक विवाह की संस्कृति को बढ़ावा देना है।
कार्यक्रम में जनपद पंचायत अध्यक्ष पिंकी उसेण्डी, जिला पंचायत सदस्य संतनाथ उसेण्डी सहित अन्य जनप्रतिनिधि, महिला एवं बाल विकास विभाग के जिला कार्यक्रम अधिकारी लुपेन्द्र महिलांग, परियोजना अधिकारी, सेक्टर सुपरवाइजर, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता-सहायिकाएं तथा नवदम्पतियों के परिजन बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। सामूहिक विवाह का यह आयोजन जिले में सामाजिक संवेदनशीलता और सरकारी योजनाओं की प्रभावी पहुंच का जीवंत उदाहरण बनकर सामने आया।




