बजट 2026 : मोटर एक्सीडेंट क्लेम पर ब्याज टैक्स-मुक्त, पीड़ित परिवारों को बड़ी राहत

मानवीय फैसले से छत्तीसगढ़ के हजारों दावेदारों को सीधा लाभ- केदार कश्यप
नारायणपुर। केंद्रीय बजट 2026-27 में मोटर एक्सीडेंट क्लेम से जुड़े ब्याज को आयकर से पूर्णतः मुक्त किए जाने और उस पर टीडीएस समाप्त करने के निर्णय का छत्तीसगढ़ के परिवहन मंत्री एवं नारायणपुर विधायक ने स्वागत किया है। उन्होंने इसे पीड़ित परिवारों के लिए मानवीय, संवेदनशील और जन-कल्याणकारी फैसला बताया।
कश्यप ने इस निर्णय के लिए प्रधानमंत्री , केंद्रीय वित्त मंत्री तथा केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री के प्रति छत्तीसगढ़ की जनता की ओर से आभार व्यक्त किया।
उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ जैसे राज्य में, जहां ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों में सड़क दुर्घटनाओं के प्रकरण सामने आते हैं, पीड़ित परिवारों को मुआवजा प्राप्त करने में लंबा समय लग जाता है। इस अवधि में मुआवजे पर मिलने वाला ब्याज उनके लिए महत्वपूर्ण आर्थिक सहारा होता है, लेकिन कर एवं टीडीएस कटौती के कारण वास्तविक लाभ कम हो जाता था। ब्याज को टैक्स-मुक्त किए जाने से अब पीड़ितों को पूरा लाभ मिलेगा।
बॉक्स | छत्तीसगढ़ के संदर्भ में इस निर्णय के लाभ
- मोटर एक्सीडेंट क्लेम ट्रिब्यूनल (MACT) द्वारा दिए गए ब्याज पर अब कोई आयकर नहीं लगेगा।
- टीडीएस समाप्त होने से क्लेम की पूरी राशि सीधे पीड़ित परिवारों को प्राप्त होगी।
- यह प्रावधान 1 अप्रैल 2026 से लागू होगा; इसके बाद मिलने वाला ब्याज पूरी तरह कर-मुक्त रहेगा।
परिवहन मंत्री ने कहा कि यह निर्णय उन परिवारों के लिए विशेष राहत है, जिन्होंने दुर्घटना में कमाने वाले सदस्य को खो दिया या जो गंभीर रूप से घायल हुए हैं। टैक्स-मुक्त ब्याज से उन्हें इलाज, पुनर्वास और दैनिक आवश्यकताओं में सीधी सहायता मिलेगी।
कश्यप ने यह भी कहा कि बजट 2026-27 में जहां कुल कर अनुमान लगभग ₹34 लाख करोड़ रखा गया है, वहीं मोटर एक्सीडेंट क्लेम पर दी गई यह छूट यह दर्शाती है कि केंद्र सरकार की प्राथमिकता केवल राजस्व नहीं, बल्कि मानव संवेदना और सामाजिक न्याय भी है।
उन्होंने भरोसा दिलाया कि छत्तीसगढ़ सरकार केंद्र सरकार के साथ मिलकर सड़क सुरक्षा, दुर्घटना पीड़ितों के अधिकारों की रक्षा और त्वरित न्याय सुनिश्चित करने की दिशा में निरंतर प्रयास करती रहेगी।




