नारायणपुर

परीक्षा के दिन खुद मैदान में उतरीं कलेक्टर नम्रता जैन

बालक हायर सेकेंडरी स्कूल पहुंचकर 10वीं बोर्ड परीक्षा की निगरानी, छात्रों का बढ़ाया हौसला

कैलाश सोनी, नारायणपुर। जिस जिले में परीक्षाओं की पवित्र प्रक्रिया को केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि भविष्य-निर्माण का अवसर माना जाए—वहां शिक्षा के प्रति माहौल अपने आप बदलने लगता है। नारायणपुर में यही तस्वीर सामने आई, जब कलेक्टर नम्रता जैन स्वयं बालक उच्चतर माध्यमिक विद्यालय स्थित बोर्ड परीक्षा केंद्र पहुंचीं और 10वीं बोर्ड परीक्षा की व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। परीक्षा के दौरान प्रशासनिक मुखिया की मौजूदगी ने न केवल व्यवस्थाओं को चुस्त-दुरुस्त रखा, बल्कि परीक्षार्थियों में भरोसा, अनुशासन और सकारात्मक ऊर्जा का संचार किया।

छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल, रायपुर द्वारा जारी परीक्षा कार्यक्रम के अनुसार वर्ष 2026 की बोर्ड परीक्षाएं 20 फरवरी से 18 मार्च तक संचालित की जा रही हैं। इसी क्रम में 21 फरवरी को कलेक्टर नम्रता जैन ने बालक हायर सेकेंडरी स्कूल परीक्षा केंद्र का औचक निरीक्षण कर परीक्षा कक्षाओं, प्रवेश व्यवस्था, अनुशासन और मूलभूत सुविधाओं का जायजा लिया। उन्होंने प्रत्येक कक्षा में जाकर व्यवस्थाओं की पड़ताल की और विद्यालय परिसर की साफ-सफाई तथा सुव्यवस्थित संचालन के लिए प्राचार्य व शिक्षकों की सराहना की।

छात्रों में जगा भरोसा, अनुशासन का सख्त संदेश

निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने परीक्षा केंद्र में मौजूद परीक्षार्थियों से संवाद कर उन्हें तनावमुक्त रहकर परीक्षा देने और आत्मविश्वास बनाए रखने का संदेश दिया। उनका कहना था कि परीक्षा केवल अंक पाने का माध्यम नहीं, बल्कि जीवन में अनुशासन, धैर्य और लक्ष्य के प्रति प्रतिबद्धता का अभ्यास है। कलेक्टर की मौजूदगी से छात्रों में यह संदेश गया कि जिला प्रशासन उनकी मेहनत और भविष्य को गंभीरता से ले रहा है।

16 परीक्षा केंद्र, हजारों सपनों की परीक्षा

जिले में कुल 16 परीक्षा केंद्र निर्धारित किए गए हैं। हाईस्कूल (कक्षा 10वीं) में 1536 तथा हायर सेकेंडरी (कक्षा 12वीं) में 1287 परीक्षार्थी पंजीकृत हैं। 20 फरवरी को हायर सेकेंडरी परीक्षा में 1287 में से 908 परीक्षार्थी शामिल हुए, जबकि 21 फरवरी को हाईस्कूल परीक्षा में 1536 में से 1529 विद्यार्थियों की उपस्थिति दर्ज की गई। प्रशासन के अनुसार उपस्थिति का यह प्रतिशत परीक्षा व्यवस्था पर बढ़ते विश्वास और छात्रों की गंभीरता को दर्शाता है।

शिक्षा व्यवस्था पर प्रशासन की सीधी नजर

निरीक्षण के दौरान जिला शिक्षा अधिकारी अशोक कुमार पटेल, बालक हायर सेकेंडरी स्कूल के प्राचार्य मनोज बागड़े सहित शिक्षक-शिक्षिकाएं मौजूद रहीं। कलेक्टर ने परीक्षा केंद्रों पर सतत निगरानी, अनुशासन और पारदर्शिता बनाए रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नकलमुक्त, शांतिपूर्ण और निष्पक्ष परीक्षा वातावरण ही शिक्षा व्यवस्था की विश्वसनीयता का आधार है।

‘मैदान में उतरकर’ शिक्षा का संदेश

नारायणपुर जैसे दूरस्थ और आदिवासी बहुल जिले में कलेक्टर का परीक्षा केंद्र पहुंचना महज औपचारिक निरीक्षण नहीं, बल्कि शिक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का स्पष्ट संदेश है। प्रशासनिक मुखिया का स्वयं परीक्षा केंद्रों पर पहुंचकर निगरानी करना यह दर्शाता है कि सरकार बच्चों के भविष्य को लेकर गंभीर है। इससे अभिभावकों में भी भरोसा बढ़ा है कि परीक्षा प्रक्रिया निष्पक्ष और सुरक्षित ढंग से संचालित हो रही है।

फ्रंट पेज का संदेश: शिक्षा सर्वोपरि

कलेक्टर नम्रता जैन की यह पहल जिले में शिक्षा के प्रति सकारात्मक माहौल बनाने की दिशा में एक मजबूत कदम के रूप में देखी जा रही है। परीक्षा केंद्र पर उनकी मौजूदगी ने यह स्पष्ट कर दिया कि नारायणपुर में शिक्षा केवल विभागीय दायित्व नहीं, बल्कि प्रशासन की प्राथमिकता है।
यह दृश्य—जब कलेक्टर खुद परीक्षा कक्षाओं में जाकर व्यवस्था देख रही थीं—जिले के हजारों छात्रों के लिए प्रेरणा बन गया है। संदेश साफ है: मेहनत करने वालों के साथ प्रशासन खड़ा है।

अबूझमाड़ लाइव न्यूज़

अबूझमाड़ लाइव न्यूज़ पक्ष पर विपक्ष पर हर एक पक्ष पर निष्पक्ष बेबाक एवं धारदार पत्रकारिता के लिए संकल्पित है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button

You cannot copy content of this page