‘नारी शक्ति और समावेशी विकास को केंद्र में रखकर आगे बढ़ने का बजट’
विकसित भारत की दिशा में निर्णायक कदम: रमशीला नाग

नारायणपुर। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा प्रस्तुत आम बजट पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए भाजपा महिला मोर्चा की प्रदेश उपाध्यक्ष एवं नगर पालिका पार्षद रमशीला नाग ने इसे “नारी शक्ति, समावेशी विकास और विकसित भारत के संकल्प को साकार करने वाला ऐतिहासिक बजट” बताया। उन्होंने कहा कि यह बजट समाज के प्रत्येक वर्ग को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने की दूरदर्शी पहल है और महिलाओं को राष्ट्र निर्माण की अग्रिम पंक्ति में खड़ा करने का स्पष्ट रोडमैप प्रस्तुत करता है।
रमशीला नाग ने कहा कि बजट में महिलाओं को केवल योजनाओं की लाभार्थी मानने की सोच से आगे बढ़कर उन्हें आर्थिक, सामाजिक और राष्ट्रीय परिवर्तन की अग्रदूत के रूप में सशक्त करने के प्रावधान किए गए हैं। शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण, सुरक्षा, स्वरोजगार और नेतृत्व क्षमता को मजबूत करने वाले उपाय मातृशक्ति को आत्मनिर्भर और आत्मविश्वासी बनाएंगे। इससे महिलाओं की भागीदारी न केवल परिवार तक सीमित रहेगी, बल्कि वे स्थानीय से राष्ट्रीय स्तर तक निर्णायक भूमिका निभा सकेंगी।
उन्होंने स्वसहायता समूहों को लेकर किए गए प्रावधानों को महिला सशक्तिकरण की दिशा में बड़ा कदम बताया। ऋण सुविधा, कौशल प्रशिक्षण, तकनीकी सहयोग और बाजार से जोड़ने जैसी व्यवस्थाओं से ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों की महिलाएं आर्थिक रूप से मजबूत होंगी। रमशीला नाग के अनुसार इससे लाखों महिलाएं अपने श्रम और प्रतिभा के बल पर ‘लखपति दीदी’ बनने की दिशा में आगे बढ़ेंगी, जिससे परिवारों की आय बढ़ेगी और गांव-शहर दोनों क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधियों को गति मिलेगी।
बजट के व्यापक प्रभाव पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा कि इसमें किसान, युवा, मजदूर, गरीब, मध्यम वर्ग और उद्यमियों सभी के हितों का संतुलित ध्यान रखा गया है। कृषि, ग्रामीण विकास, बुनियादी ढांचा, शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार पर किए गए निवेश से गांव से शहर तक समावेशी विकास की नई धारा बहेगी। यह बजट सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास के मंत्र को व्यवहार में उतारने का ठोस प्रयास है।
अंत में रमशीला नाग ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में प्रस्तुत यह बजट आत्मनिर्भर भारत से विकसित भारत की यात्रा को और अधिक मजबूती देगा। आने वाले वर्षों में इसके सकारात्मक प्रभाव देश की सामाजिक-आर्थिक तस्वीर को नई ऊंचाइयों तक ले जाएंगे और नारी शक्ति को विकास की धुरी बनाकर भारत को सशक्त राष्ट्र के रूप में स्थापित करेंगे।




