टीबी मुक्त नारायणपुर की दिशा में 100 दिनी अभियान की शुरुआत
सीएचओ–आरएचओ का दो दिवसीय विशेष प्रशिक्षण, जमीनी स्तर पर तेज होगी क्षय उन्मूलन की मुहिम

नारायणपुर। टीबी मुक्त भारत के लक्ष्य को जमीनी स्तर पर साकार करने की दिशा में राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम के अंतर्गत नारायणपुर जिले में 100 दिवसीय ‘निक्षय निरामय अभियान’ की शुरुआत की गई। अभियान के प्रभावी क्रियान्वयन के उद्देश्य से ओरछा–नारायणपुर ब्लॉक के सेक्टर पर्यवेक्षक, सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी (सीएचओ) एवं ग्रामीण स्वास्थ्य अधिकारी (आरएचओ) के लिए 18 और 19 फरवरी को दो दिवसीय विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया।

प्रशिक्षण में मास्टर ट्रेनर के रूप में विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के सलाहकार डॉ. मनीष मसीह ने प्रतिभागियों को टीबी नियंत्रण की नवीन रणनीतियों, समय पर जांच और उपचार अनुपालन के महत्व से अवगत कराया। उन्होंने कहा कि टीबी उन्मूलन केवल स्वास्थ्य विभाग की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समुदाय की सक्रिय भागीदारी से ही यह लक्ष्य संभव हो सकेगा।
कार्यक्रम में जिला क्षय अधिकारी बी.एन. बानपुरिया, जिला समन्वयक जयदीप देवांगन, जिला पीपीएम समन्वयक द्वारिका साहू, पीएमडीटी समन्वयक संगीता ब्रम्हणोटीया, एसटीएस संतोष नंद तथा ओरछा से जय सिंह मांझी की गरिमामयी उपस्थिति रही। अधिकारियों ने 100 दिवसीय अभियान के तहत उच्च जोखिम समूहों की स्क्रीनिंग, संदिग्ध मरीजों की त्वरित जांच, उपचार का नियमित पालन सुनिश्चित करने और पोषण सहयोग के प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर दिया।
प्रशिक्षण सत्रों में टीबी मरीजों की शीघ्र पहचान, दवा उपचार की निरंतरता, निक्षय पोषण योजना के माध्यम से पोषण सहायता, संपर्क अन्वेषण (कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग) और सामुदायिक जागरूकता अभियानों को गति देने जैसे महत्वपूर्ण बिंदुओं पर विस्तार से मार्गदर्शन दिया गया। प्रतिभागियों को यह भी बताया गया कि दूरस्थ अंचलों में घर-घर संपर्क कर लक्षणों की पहचान और समय पर रेफरल टीबी उन्मूलन की सफलता की कुंजी है।
कार्यक्रम के सफल आयोजन में समस्त जिला क्षय उन्मूलन कर्मियों का सराहनीय सहयोग रहा। अधिकारियों ने उम्मीद जताई कि प्रशिक्षित सीएचओ–आरएचओ की सक्रिय भूमिका से जिले में टीबी की समय पर पहचान और उपचार सुनिश्चित होगा तथा 100 दिवसीय ‘निक्षय निरामय अभियान’ के जरिए नारायणपुर को टीबी मुक्त बनाने की दिशा में ठोस प्रगति दर्ज की जाएगी।




