जिला स्तरीय महिला खेलकूद में प्रतिभा की चमक, नारायणपुर में दिखा जोश

दौड़ से फुटबॉल तक युवतियों का दमखम, समापन पर पंडुम की तर्ज पर थिरकी खिलाड़ी
नारायणपुर। विकासखंड स्तरीय प्रतियोगिताओं से चयनित खिलाड़ियों ने नारायणपुर में आयोजित जिला स्तरीय महिला खेलकूद प्रतियोगिता में अपने कौशल और जज्बे का शानदार प्रदर्शन किया। सुबह से शाम तक चले मुकाबलों में जिले के विभिन्न अंचलों से पहुंची युवतियों ने दौड़, टीम गेम्स और इनडोर खेलों में प्रतिभा का परिचय देकर खेल प्रतिभाओं की मजबूत मौजूदगी दर्ज कराई।

एथलेटिक्स स्पर्धाओं में 100 मीटर दौड़ में सलोनी कवाची (ओरछा) ने प्रथम, अंजलि उसेंडी (ओरछा) ने द्वितीय तथा वंदना कोर्राम (नारायणपुर) ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। 400 मीटर दौड़ में सुनीता उसेंडी (ओरछा) ने बाजी मारी, वहीं वजंती मरकाम (नारायणपुर) दूसरे और ममता वड्डे (ओरछा) तीसरे स्थान पर रहीं। तवा फेंक में रसिता गोटा (ओरछा) प्रथम, भूमिका पोयामी (ओरछा) द्वितीय और सुबरी कोर्रामी (नारायणपुर) तृतीय रहीं।
टीम स्पर्धाओं में रस्साकसी में महिला आईटीआई नारायणपुर ने खिताब जीता, वॉलीबॉल में कस्तूरबा (ओरछा), खो-खो में मां शारदा (ओरछा) और फुटबॉल में ओरछा की टीम ने कप पर कब्जा जमाया। बैडमिंटन स्पर्धा में सानिया कोर्राम (ओरछा) प्रथम, भूमि जैन (नारायणपुर) द्वितीय तथा अनुराधा नेताम (ओरछा) तृतीय स्थान पर रहीं। खो-खो प्रतियोगिता में लगभग 200 खिलाड़ियों की भागीदारी रही, जिससे स्पर्धा का उत्साह और प्रतिस्पर्धा का स्तर स्पष्ट झलका।
पूरे आयोजन के दौरान खिलाड़ियों को प्रशिक्षण एवं मार्गदर्शन देने में ओरछा से किरण जायसवाल, सुधनी दुग्गा, दिलीप मंडावी तथा नारायणपुर से मनीराम वड्डे, किरण निकम, लता नाग, तरुण कुलदीप और दीनानाथ राजपूत ने कोच की भूमिका निभाई।
समापन अवसर पर जिला एथलेटिक्स संघ अध्यक्ष गौतम गोलछा, जिला पंचायत सदस्य हिना नाग व शांति नेताम, पार्षद रीता मंडल, पूर्व पार्षद प्रमिला प्रधान व अनिता कुरेटी, खेल एवं युवा कल्याण विभाग के डॉ. सुमित गर्ग, जिला एथलेटिक्स संघ के सचिव जी.पी. देवांगन, खेल अधिकारी रामसाय वड्डे, विकासखंड शिक्षा अधिकारी कृष्णा गोटा, डी.के.एस. साहू, मुकेश साहू सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं ग्रामीण उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के समापन के बाद जब पंडुम की तर्ज पर पारंपरिक धुनें गूंजीं तो महिला खिलाड़ी उल्लास में थिरक उठीं। संगीतमय माहौल में खिलाड़ियों का उत्साह देखकर मौजूद महिला जनप्रतिनिधि और महिला कोच भी खुद को रोक नहीं सकीं। खेल के साथ संस्कृति के इस मेल ने आयोजन को यादगार बना दिया और जिले में महिला खेल प्रतिभाओं के बढ़ते आत्मविश्वास का सशक्त संदेश दिया।




