जहां थमी थी मासूम की चाल, वहां मंत्री ने थामा हाथ

24 घंटे में दिव्यांग प्रवीण को मिली व्हीलचेयर–ट्राइसाइकिल, संवेदनशील पहल से मुस्कुराया परिवार
नारायणपुर। कभी हाथों के सहारे रेंगकर चलने को मजबूर मासूम प्रवीण नूरेटी के चेहरे पर अब मुस्कान है। एक भावुक वीडियो ने जब उसकी पीड़ा को सामने रखा, तो छत्तीसगढ़ शासन के वन मंत्री एवं नारायणपुर विधायक केदार कश्यप ने तुरंत संज्ञान लेते हुए मानवीय संवेदना की मिसाल पेश की। नतीजा—महज 24 घंटे के भीतर प्रवीण को व्हीलचेयर और ट्राइसाइकिल उपलब्ध कराई गई।

सोनपुर बांधपारा निवासी प्रवीण नूरेटी (पिता राजेंद्र नूरेटी) जन्म से ही दिव्यांग है। पहली कक्षा में पढ़ने वाला यह बच्चा दोस्तों के साथ बाजार देखने का सपना देखता था, लेकिन शारीरिक असमर्थता उसके रास्ते में बाधा बन रही थी। सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो ने प्रदेशभर का ध्यान खींचा और लोगों की आंखें नम कर दीं।
वीडियो देखते ही मंत्री कश्यप ने जिला प्रशासन और समाज कल्याण विभाग को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। प्रशासन की तत्परता से 24 घंटे के भीतर सहायता पहुंची। व्हीलचेयर और ट्राइसाइकिल मिलने के बाद प्रवीण की आंखों में चमक और चेहरे पर खुशी लौट आई। परिवार ने इस संवेदनशील पहल के लिए आभार जताते हुए कहा कि अब उनके बच्चे की राह आसान हो गई है।
मंत्री कश्यप ने कहा कि सरकार का दायित्व है कि समाज के अंतिम व्यक्ति तक सहायता पहुंचे। किसी मासूम की पीड़ा को अनदेखा नहीं किया जा सकता। प्रवीण जैसे बच्चों को आत्मनिर्भर बनाना साय सरकार की जिम्मेदारी है और इसके लिए हर संभव सहायता सदैव उपलब्ध कराई जाएगी।
उल्लेखनीय है कि सोनपुर गांव नक्सल प्रभावित क्षेत्र में आता है, जहां कभी आवाजाही कठिन मानी जाती थी। आज वही इलाका विकास की नई कहानी लिख रहा है—सड़क, बिजली, नेटवर्क और मूलभूत सुविधाओं के साथ मानवीय संवेदनाएं भी मजबूत हो रही हैं।
यह घटना केवल एक प्रशासनिक कार्रवाई भर नहीं, बल्कि एक मासूम के सपनों को सच करने की कहानी है—जो साबित करती है कि संवेदनशील सरकार और जागरूक समाज मिलकर बड़े बदलाव संभव कर सकते हैं।




