घेराव की सियासत, युवा जोश की टक्कर

नारायणपुर में कांग्रेस का भाजपा कार्यालय घेराव, भाजयुमो की सशक्त मौजूदगी से गरमाया राजनीतिक माहौल…
कैलाश सोनी- नारायणपुर। शहर की सियासी फिज़ा आज अचानक गरमा गई, जब भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने भाजपा कार्यालय के घेराव का आह्वान करते हुए जोरदार प्रदर्शन किया। ‘एस्टीन फाइल’ प्रकरण और भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष की गिरफ्तारी के विरोध में आयोजित इस आंदोलन ने पूरे दिन नारायणपुर को राजनीतिक चर्चाओं के केंद्र में ला दिया। प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पुतला दहन किया, जिससे कुछ देर के लिए माहौल तनावपूर्ण हो उठा।


इसी बीच भारतीय जनता युवा मोर्चा (भाजयुमो) ने भी संगठित रूप से मोर्चा संभालते हुए अपनी सशक्त उपस्थिति दर्ज कराई। युवा मोर्चा के पदाधिकारी और कार्यकर्ता बड़ी संख्या में एकत्रित हुए और नारेबाजी के जरिए कांग्रेस के प्रदर्शन पर तीखी प्रतिक्रिया दी। भाजयुमो की सक्रियता ने घटनाक्रम को और धार दी, जिससे दोनों पक्षों के बीच राजनीतिक टकराव की तस्वीर उभरकर सामने आई। स्थानीय स्तर पर भाजयुमो की संगठित मौजूदगी दिनभर चर्चा का विषय बनी रही।
कानून-व्यवस्था की दृष्टि से पुलिस प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद नजर आया। भाजपा कार्यालय की ओर बढ़ रहे कांग्रेस कार्यकर्ताओं को रोकने के लिए पहले से बैरिकेड्स लगाए गए थे, जिसके चलते प्रदर्शनकारी तय दायरे से आगे नहीं बढ़ सके। दोनों ओर से हो रही नारेबाजी से क्षेत्र का वातावरण देर तक गूंजता रहा, हालांकि पुलिस की सतर्कता और रणनीतिक तैनाती के कारण स्थिति नियंत्रण में बनी रही।
पूरे घटनाक्रम के दौरान प्रशासन द्वारा लगातार निगरानी रखी गई। किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए अतिरिक्त बल तैनात रहा और यातायात व्यवस्था को भी आंशिक रूप से नियंत्रित किया गया। अंततः प्रदर्शन शांतिपूर्वक संपन्न हुआ। शहर में इस राजनीतिक घटनाक्रम को लेकर दिनभर चर्चाओं का दौर चलता रहा, वहीं आमजन के बीच भी अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आती रहीं।
राजनीतिक गलियारों में इसे आगामी दिनों में और तेज होने वाली सियासी सरगर्मियों के संकेत के रूप में देखा जा रहा है। दोनों प्रमुख दलों की सड़क पर आमने-सामने की मौजूदगी ने यह साफ कर दिया कि जिले में राजनीतिक तापमान फिलहाल ठंडा पड़ने वाला नहीं है।




