नारायणपुर

ओएंगर के जंगलों में नक्सली साजिश नाकाम

संयुक्त सर्च ऑपरेशन में विस्फोटकों का जखीरा और हथियार बरामद, बड़ा हमला टला…

कैलाश सोनी- नारायणपुर। नक्सल विरोधी अभियान के तहत सुरक्षा बलों को बड़ी सफलता हाथ लगी है। ओएंगर क्षेत्र के दुर्गम जंगल-पहाड़ी इलाके में चलाए गए संयुक्त सर्च ऑपरेशन के दौरान नक्सलियों द्वारा छिपाकर रखी गई भारी मात्रा में विस्फोटक सामग्री और हथियार बरामद किए गए। प्रारंभिक आकलन में सामने आया है कि यह सामग्री आईईडी तैयार कर सुरक्षा बलों को निशाना बनाने की साजिश के तहत संग्रहित की गई थी। समय रहते कार्रवाई होने से एक बड़ी नक्सली वारदात टल गई।

विश्वसनीय खुफिया सूचना के आधार पर 12 फरवरी को 29वीं वाहिनी भारत-तिब्बत सीमा पुलिस और नारायणपुर पुलिस की संयुक्त टीम ने ओएंगर के जंगल पहाड़ क्षेत्र में सघन सर्च एवं एरिया डोमिनेशन अभियान चलाया। अभियान का नेतृत्व डिप्टी कमांडेंट विकास पाचर ने किया। दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियों, घने जंगल और पहाड़ी रास्तों के बीच घंटों तक चली गहन तलाशी के दौरान सुरक्षा बलों को नक्सलियों के छिपे ठिकाने का सुराग मिला।

तलाशी के दौरान बरामद सामग्री में 175 मीटर इंडस्ट्रियल प्राइमा कॉर्ड (करीब साढ़े तीन रोल), 10 मीटर सेफ्टी फ्यूज, 10 रोल इलेक्ट्रिक वायर, एक आईईडी मैकेनिज्म, एक देशी तमंचा, दो स्टील कंटेनर और पांच फीट लंबा भारी बोरिंग पाइप शामिल है। सुरक्षा विशेषज्ञों के अनुसार यह सामग्री विस्फोटक उपकरण तैयार करने और बारूदी सुरंग अथवा आईईडी हमलों में उपयोग की जा सकती थी।

सूत्रों के मुताबिक नक्सली दल इस मार्ग पर सुरक्षा बलों की नियमित आवाजाही को निशाना बनाने की फिराक में थे। समय रहते सामग्री बरामद हो जाने से न केवल संभावित हमले की योजना विफल हुई, बल्कि क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर बड़ा खतरा भी टल गया। बरामद सभी वस्तुओं को सुरक्षा मानकों के तहत सुरक्षित कर लिया गया है और निष्क्रियकरण की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई है। मामले में वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।

अधिकारियों ने बताया कि बीते कुछ समय से नारायणपुर और आसपास के इलाकों में नक्सलियों की गतिविधियों को लेकर इनपुट मिल रहे थे। इसी कड़ी में सघन सर्च अभियान चलाया जा रहा है। संयुक्त बलों की सतर्कता और रणनीतिक घेराबंदी के चलते नक्सली किसी बड़ी घटना को अंजाम देने से पहले ही अपने मंसूबों में नाकाम हो गए।

सुरक्षा बलों ने स्पष्ट किया है कि नक्सल उन्मूलन अभियान आगे भी इसी सख्ती और सतत निगरानी के साथ जारी रहेगा। दुर्गम क्षेत्रों में लगातार गश्त, एरिया डोमिनेशन और सर्च ऑपरेशन बढ़ाए जा रहे हैं, ताकि शेष नक्सली नेटवर्क को पूरी तरह निष्प्रभावी किया जा सके।

प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों ने आम नागरिकों से अपील की है कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि, संदिग्ध व्यक्तियों की आवाजाही या जंगल क्षेत्रों में असामान्य गतिविधियों की जानकारी तत्काल पुलिस अथवा नजदीकी सुरक्षा कैंप को दें। नागरिकों के सहयोग से ही क्षेत्र में शांति, सुरक्षा और विकास के प्रयासों को मजबूती मिल सकेगी।

29वीं वाहिनी भारत-तिब्बत सीमा पुलिस और नारायणपुर पुलिस ने दोहराया कि क्षेत्र को नक्सल प्रभाव से मुक्त कर सामान्य जनजीवन को सुरक्षित बनाने के लिए अभियान निरंतर जारी रहेंगे। दुर्गम इलाकों में विकास की राह प्रशस्त करने के लिए सुरक्षा के साथ-साथ प्रशासनिक पहुंच भी मजबूत की जा रही है।

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