नारायणपुर

आस्था और परंपरा का महापर्व: माता मावली मेला श्रद्धा-उल्लास के साथ आरंभ

देव परिक्रमा व समागम में उमड़ा जनसैलाब, लोकदेवताओं की पारंपरिक अगवानी से गूंजा मेला परिसर

जिला पंचायत व नगर पालिका अध्यक्ष रहे मौजूद, बोले— बस्तर की संस्कृति का जीवंत संगम है मावली मेला…

नारायणपुर, 11 फरवरी 2026। जिले की लोकसंस्कृति, देव-मान्यताओं और आदिवासी परंपराओं का जीवंत प्रतीक ऐतिहासिक माता मावली मेला बुधवार को पूरी श्रद्धा, आस्था और उल्लास के साथ प्रारंभ हुआ। जिला मुख्यालय स्थित माता मावली मंदिर में पारंपरिक पूजा-अर्चना एवं परघाव के साथ मेले का विधिवत शुभारंभ हुआ। आसपास के गांवों से स्थानीय देवी-देवताओं के समागम के साथ भव्य जुलूस निकाला गया और मेला स्थल पर ढाई परिक्रमा की रस्म पूरी की गई। परंपरागत रीति से डंगई, लाठ, डोली और छत्र के साथ देव विग्रहों की अगवानी करते हुए ग्रामीणों ने पूजा-अर्चना की। समागम स्थल पर माता मावली, कोट गुड़ीन, शीतला माता, कोकोड़ी करीन, तेलवाड़ीन माता, कंकालीन माता, सोनकुंवर, भीमादेव सहित अनेक लोकदेवताओं के आगमन से वातावरण श्रद्धा से सराबोर हो उठा। सिरहा पुजारी और गायता की उपस्थिति ने धार्मिक अनुष्ठानों को और गरिमा प्रदान की।

मेले में जिला पंचायत अध्यक्ष नारायण मरकाम और नगर पालिका अध्यक्ष इंद्रप्रसाद बघेल ने सहभागिता कर माता मावली के दर्शन किए और जिलेवासियों को शुभकामनाएं दीं। जनसमूह को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि मावली माता के आशीर्वाद से बस्तर की संस्कृति और परंपराएं सदैव जीवित रहेंगी। यह मेला सामाजिक समरसता का अनुपम उदाहरण है, जहां दूर-दूर से लोग आकर लोककला, संस्कृति और परंपराओं से साक्षात्कार करते हैं। उन्होंने कहा कि जल-जंगल-जमीन की रक्षा में आदिवासी समाज की भूमिका अतुलनीय है और बस्तर की संस्कृति को जानने-समझने के लिए नारायणपुर का मावली मेला अवश्य देखा जाना चाहिए। उनके अनुसार मड़ई-मेला लोक, कला और संस्कृति का संगम है, जो प्रतिवर्ष रिश्तों की डोर को फिर से जोड़ता है और सामुदायिक सौहार्द को सुदृढ़ करता है।

मेले की रौनक आगामी दिनों में सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से और बढ़ेगी। 11 से 15 फरवरी 2026 तक चलने वाले लोकोत्सव में प्रतिदिन संध्या सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। 11 फरवरी को स्थानीय लोकनर्तक दलों की प्रस्तुति, 12 फरवरी को बस्तर अंचल लोकरंग समूह सोनू मानिकपुरी, 13 फरवरी को बस्तर भूमकाल सांस्कृतिक लोक संस्था, 14 फरवरी को सुनील सोनी नाइट शो एंड ग्रुप, 15 फरवरी को लोक गायिका आरू साहू ग्रुप तथा 16 फरवरी को अलंकार बैंड, बिलासपुर की प्रस्तुति प्रस्तावित है। बड़े लोकोत्सव के अनुरूप मीना बाजार, विभिन्न झूले, दैनिक उपयोगी वस्तुओं की दुकानें, फैन्सी स्टॉल और मिष्ठान भंडारों से मेला परिसर सजा हुआ है, जिससे दर्शकों की भारी भीड़ उमड़ रही है।

जिला प्रशासन की ओर से मेला स्थल पर पार्किंग, पेयजल, विद्युत व्यवस्था और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो। उद्घाटन अवसर पर सरपंच छोटेडोंगर संध्या पवार, जनपद पंचायत अध्यक्ष पिंकी उसेंडी, जिला व जनपद पंचायत सदस्य, पार्षदगण, कलेक्टर नम्रता जैन, पुलिस अधीक्षक रॉबिनसन गुड़िया, जिला पंचायत सीईओ आकांक्षा शिक्षा खलखो, अपर कलेक्टर बीरेंद्र बहादुर पंचभाई, सहायक आयुक्त आदिवासी विकास डॉ. राजेंद्र सिंह सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि और ग्रामीणजन उपस्थित रहे।

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