अबूझमाड़ से राष्ट्रीय मंच तक: सुखदेव उसेंडी का SAI उत्कृष्टता केंद्र में चयन
सीमित संसाधनों से निकलकर राष्ट्रीय पहचान—नारायणपुर के होनहार फुटबॉलर ने रचा नया इतिहास

नारायणपुर// बस्तर अंचल के दुर्गम अबूझमाड़ क्षेत्र से निकलकर राष्ट्रीय खेल मानचित्र पर पहचान बनाना आसान नहीं होता, लेकिन नारायणपुर जिले के नेडनार निवासी 16 वर्षीय प्रतिभाशाली फुटबॉलर सुखदेव उसेंडी ने यह कर दिखाया है। कक्षा 11वीं के छात्र सुखदेव का चयन Sports Authority of India (SAI) के राष्ट्रीय उत्कृष्टता केंद्र में हुआ है—यह उपलब्धि न केवल उनके व्यक्तिगत परिश्रम की जीत है, बल्कि अबूझमाड़ जैसे दूरस्थ क्षेत्र से उभरती खेल प्रतिभाओं की संभावनाओं का राष्ट्रीय स्तर पर सशक्त संकेत भी है।
विवेकानंद विद्यापीठ, रामकृष्ण मिशन आश्रम के छात्र सुखदेव उसेंडी फुटबॉल में अनुशासन, फिटनेस और निरंतर अभ्यास के लिए जाने जाते हैं। सीमित संसाधनों, प्रशिक्षण सुविधाओं की कमी और भौगोलिक चुनौतियों के बीच उन्होंने मैदान पर अपनी प्रतिभा से चयनकर्ताओं का ध्यान खींचा। विशेषज्ञों का मानना है कि राष्ट्रीय उत्कृष्टता केंद्र में प्रशिक्षण मिलने से सुखदेव की तकनीकी दक्षता और प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता को नई दिशा मिलेगी, जिससे वे भविष्य में राष्ट्रीय टीम के संभावित खिलाड़ी के रूप में उभर सकते हैं।
अबूझमाड़ अंचल से राष्ट्रीय मंच तक पहुंचने की यह यात्रा स्थानीय युवाओं के लिए प्रेरक मिसाल बन गई है। खेल प्रेमियों और शिक्षाविदों का कहना है कि सुखदेव की सफलता यह बताती है कि प्रतिभा संसाधनों की मोहताज नहीं होती—उचित मार्गदर्शन और अवसर मिलें तो दूरस्थ क्षेत्रों के युवा भी देश का नाम रोशन कर सकते हैं।
राष्ट्रीय उत्कृष्टता केंद्र के लिए रवाना होने से पहले जिले में शुभकामनाओं का तांता लगा रहा। वरिष्ठ भाजपा नेता बृजमोहन देवांगन, भाजपा जिला महामंत्री संदीप कुमार झा, मालक परिवहन संघ अध्यक्ष किशोर आर्य, स्वामी आत्मानंद महाविद्यालय की जनभागीदारी समिति के अध्यक्ष नरेंद्र मेश्राम, उत्तम देशलहरा, हृदय वर्मा, निरपेन देवनाथ, एम.एन. झा सहित अन्य गणमान्य नागरिकों और शुभचिंतकों ने सुखदेव को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
जिले के खेल प्रशिक्षकों का कहना है कि यह उपलब्धि नारायणपुर में खेल संस्कृति को नई ऊर्जा देगी। सुखदेव की सफलता से स्थानीय स्तर पर फुटबॉल अकादमी, प्रशिक्षण सुविधाओं और प्रतिभा खोज कार्यक्रमों को लेकर भी नई उम्मीद जगी है। अब नजरें इस युवा खिलाड़ी की अगली उड़ान पर हैं—जहां अबूझमाड़ का यह बेटा राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान को और मजबूत करने की तैयारी में है।




