संकल्प 2026: शांतिपूर्ण व समृद्ध नारायणपुर की ओर

कैलाश सोनी- नारायणपुर | 8 जनवरी 2026
जिले में कानून-व्यवस्था को और मजबूत बनाने तथा अपराधों पर निर्णायक प्रहार के लिए पुलिस अधीक्षक रॉबिंसन गुड़िया ने ‘संकल्प 2026—शांतिपूर्ण एवं समृद्ध नारायणपुर’ के लक्ष्य पर केंद्रित व्यापक क्राइम मीटिंग ली। पुलिस अधीक्षक कार्यालय के सभागृह में हुई इस उच्चस्तरीय बैठक में समस्त राजपत्रित अधिकारियों और थाना प्रभारियों को लंबित अपराध, मर्ग व गुम इंसान प्रकरणों के त्वरित निराकरण के लिए स्पष्ट समय-सीमा तय करने के निर्देश दिए गए।

एसपी ने दो टूक कहा—पीड़ितों के लिए न्याय-केंद्रित पुलिसिंग ही प्राथमिकता है। पुलिस की विजिबिलिटी बढ़े, आमजन का विश्वास अर्जित हो और अपराधियों के दिल-दिमाग में कानून का भय स्थापित हो—इसी कसौटी पर कार्य होंगे। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि पीड़ित किसी भी थाना/कैम्प में उपस्थित होकर या टेलीफोनिक सूचना के जरिए अपनी समस्या दर्ज करा सकता है; उसे किसी एक थाने तक सीमित नहीं किया जाएगा।
नक्सल उन्मूलन: शत-प्रतिशत सरेंडर लक्ष्य, सप्लाई-चेन पर प्रहार
बैठक में नक्सल अभियान को तेज करने की रणनीति तय की गई। शांतिपूर्ण तरीकों से नक्सल उन्मूलन, शत-प्रतिशत सरेंडर लक्ष्य, और सप्लाई-चेन ध्वस्तीकरण पर जोर दिया गया। सभी थाना/कैम्प प्रभारियों को मुख्य मार्गों पर नियमित एमसीपी (मोबाइल चेक पोस्ट) लगाकर गहन जांच के निर्देश दिए गए—साथ ही आम नागरिकों को न्यूनतम असुविधा सुनिश्चित करने को कहा गया। किसी भी तरह की ढील बर्दाश्त नहीं होगी।
प्रशासनिक कसावट व अनुशासन
नवीन आपराधिक कानूनों के प्रावधानों के पालन, साफ-सुथरी वर्दी, उच्चस्तरीय विभागीय अनुशासन और क्षेत्रीय भ्रमण के जरिए थाना प्रभारियों का मार्गदर्शन—इन बिंदुओं पर सख्ती से अमल के निर्देश दिए गए। एसडीओपी को अपने-अपने क्षेत्रों में सक्रिय निगरानी के आदेश दिए गए ताकि कानून-व्यवस्था सुदृढ़ रहे।
‘बार्डरलेस पुलिसिंग’ और विजुअल सुरक्षा
पीड़ित कहीं से भी शिकायत दर्ज करा सके—इसी भावना के साथ बार्डरलेस पुलिसिंग को सशक्त किया गया। शहरों में संध्या-रात्रि गश्त, सीसीटीवी निगरानी बढ़ाने, निगरानी बदमाश/गुंडा सूची को अद्यतन रखने और नियमित चेकिंग के आदेश दिए गए। लघु अधिनियम व प्रतिबंधात्मक कार्रवाइयों में भी वृद्धि के निर्देश हैं।
यातायात: ‘जीरो इनसीडेंट’ का लक्ष्य
सड़क दुर्घटनाओं में कमी के लिए हेलमेट अनिवार्यता (शुरुआत पुलिस बल से), नशे में वाहन चलाने वालों पर कड़ी कार्रवाई और नियम उल्लंघन पर सख्ती—इन कदमों के साथ यातायात प्रबंधन को दुरुस्त करने के निर्देश दिए गए।
युवाओं से संवाद, संस्कृति के जरिए जागरूकता
खेल आयोजनों और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के जरिए युवाओं को पुलिस-प्रशासन से जोड़ने, नक्सल विचारधारा से दूर रहने और मुख्यधारा में आने का आह्वान किया गया। एसपी ने कहा—नक्सली अबूझमाड़ के लोगों के विकास के शत्रु हैं; क्षेत्र के हक का विकास नहीं रुकने दिया जाएगा।
अबूझमाड़ पीस हाफ मैराथन—31 जनवरी
अबूझमाड़ की जनजातीय परंपराओं, प्राकृतिक सौंदर्य और पर्यटन संभावनाओं को वैश्विक पटल पर लाने के लिए अबूझमाड़ महोत्सव के तहत अबूझमाड़ पीस हाफ मैराथन का पाँचवां संस्करण 31 जनवरी 2026 को आयोजित होगा। इसे लोक-उत्सव के रूप में स्थापित कर हर गांव की भागीदारी सुनिश्चित करने का आह्वान किया गया।
वर्ष 2025 की उपलब्धियां—संक्षेप में
- नक्सल उन्मूलन: 27 नए सुरक्षा व जन-सुविधा कैम्प; ₹4.96 करोड़ के इनामी 43 नक्सली ढेर, 78 गिरफ्तार, 298 सरेंडर।
- कैम्प विस्तार: ओरछा (12), सोनपुर (7), कोहकामेटा (8) सहित कई दुर्गम क्षेत्रों में कैम्प।
- शीर्ष ऑपरेशन: करोड़ के इनामी केशव राव उर्फ बसवराज सहित बड़े कैडर निष्प्रभावी; सितंबर 2025 में प्रमुख सीसीएम स्तर के नक्सली भी ढेर।
- मोबाइल रिकवरी: ₹17.07 लाख कीमत के 111 मोबाइल लौटाए गए।
- साइबर सुरक्षा: 20 पीड़ितों को ₹57.57 लाख रिफंड; 88 जागरूकता अभियान, 17,536 लोग लाभान्वित।
- नियद नेल्लानार योजना: 135 गांव सर्व-सुविधायुक्त किए जा रहे हैं।
अपराध आंकड़े: 2024 बनाम 2025 (चयनित)
- हत्या: 22 → 13
- हत्या का प्रयास: 28 → 25
- चोरी: 25 → 8
- आगजनी: 6 → 2
- सड़क दुर्घटना मृत्यु: 33 → 26
- कुल अपराध: 250 → 221
(हत्या, डकैती/लूट, चोरी, आगजनी, सड़क दुर्घटना मृत्यु सहित कई श्रेणियों में कमी दर्ज)
बैठक में उपस्थिति
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अक्षय प्रमोद साबद्रा, अजय कुमार, सुशील कुमार नायक, ऐश्वर्य चंद्राकर सहित अन्य राजपत्रित अधिकारी व थाना प्रभारी मौजूद रहे।
नारायणपुर में 2026 के लिए पुलिसिंग का रोडमैप स्पष्ट है—त्वरित न्याय, सख्त प्रवर्तन, जनविश्वास और शांति। ‘संकल्प 2026’ के तहत अपराध नियंत्रण से लेकर नक्सल उन्मूलन और विकास तक—हर मोर्चे पर निर्णायक कार्रवाई के संकेत स्पष्ट हैं।




