लिंगो मुदियाल कृषि महाविद्यालय में ‘कैंपस टू कॉर्पोरेट’ दो दिवसीय कार्यशाला संपन्न

नारायणपुर | संवाददाता
लिंगो मुदियाल कृषि महाविद्यालय एवं अनुसंधान केंद्र, केरलापाल (नारायणपुर) में आईटीबीपी 45वीं बटालियन के सहयोग से ‘कैंपस टू कॉर्पोरेट’ विषय पर दो दिवसीय कार्यशाला का सफल आयोजन किया गया। कार्यशाला का उद्देश्य विद्यार्थियों को शैक्षणिक ज्ञान के साथ-साथ व्यावहारिक, व्यवहारिक एवं व्यावसायिक कौशल से सशक्त बनाना रहा।


महाविद्यालय की अधिष्ठाता एवं कार्यक्रम अधिकारी डॉ. रत्ना नशीने के मार्गदर्शन में आयोजित इस कार्यशाला में आईटीबीपी 45वीं बटालियन के सेकंड इन कमांड प्रकाश भूषण झा, डिप्टी कमांडेंट रजनीकांत सिंह तथा मेडिकल ऑफिसर डॉ. पवन भास्कर ने प्रशिक्षक के रूप में सहभागिता निभाई। प्रशिक्षण के दौरान विद्यार्थियों को डिजिटल स्किल, सॉफ्ट स्किल, कम्युनिकेशन स्किल, पर्सनैलिटी डेवलपमेंट, नेतृत्व क्षमता, आत्मविश्वास निर्माण एवं कॉर्पोरेट जगत में प्रवेश से जुड़ी आवश्यक जानकारियां दी गईं।
कार्यशाला 13 एवं 14 जनवरी को आयोजित हुई, जिसमें विद्यार्थियों ने पूरे उत्साह और सक्रियता के साथ भाग लिया। इंटरएक्टिव सेशन, गतिविधियों एवं मार्गदर्शन सत्रों के माध्यम से विद्यार्थियों को वर्तमान समय की आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार किया गया। आईटीबीपी अधिकारियों ने कॉर्पोरेट संस्कृति से जुड़े अपने व्यावहारिक अनुभव साझा करते हुए टीम वर्क, अनुशासन, संचार कौशल और करियर मार्गदर्शन जैसे विषयों पर विशेष प्रशिक्षण दिया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए डॉ. रत्ना नशीने ने कार्यशाला की उपयोगिता की सराहना करते हुए कहा कि यह कार्यक्रम विद्यार्थियों को शैक्षणिक जीवन से व्यावसायिक जीवन में प्रवेश करने के लिए मानसिक, व्यवहारिक और व्यावहारिक रूप से तैयार करने में सहायक सिद्ध हुआ है। उन्होंने विद्यार्थियों के अनुशासन, समयपालन और सीखने की लगन की प्रशंसा करते हुए आईटीबीपी अधिकारियों को इस पहल के लिए बधाई दी।
कार्यक्रम को सफल बनाने में महाविद्यालय के प्राध्यापक डॉ. नवीन मरकाम, डॉ. देवेंद्र कूर्रे, डॉ. मदन लाल कूर्रे, डॉ. सविता आदित्य, डॉ. विवेक विश्वकर्मा एवं राज सिंह सेंगर ने सक्रिय भूमिका निभाई। अंत में अतिथियों, आईटीबीपी अधिकारियों एवं प्राध्यापकों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए भविष्य में भी इस प्रकार की कार्यशालाओं के आयोजन की आवश्यकता पर बल दिया गया। यह कार्यशाला विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास और उज्ज्वल भविष्य की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुई।




