मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज देंगे नारायणपुर को 347 करोड़ से अधिक की विकास सौगात
358 विकास कार्यों का लोकार्पण व भूमिपूजन, सड़क-पुल से लेकर शिक्षा, पेयजल और बिजली को मिलेगी मजबूती

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज देंगे नारायणपुर को 347 करो
नारायणपुर | 30 जनवरी 2026
जिले के सर्वांगीण विकास को नई गति देने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज नारायणपुर जिले को सैकड़ों विकास कार्यों की बड़ी सौगात देने जा रहे हैं। मुख्यमंत्री जिले में विभिन्न विभागों के कुल 358 विकास एवं निर्माण कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन करेंगे, जिन पर 347 करोड़ 16 लाख 03 हजार रुपये की लागत आएगी।
इन विकास कार्यों के माध्यम से जिले के दूरस्थ और अंदरूनी क्षेत्रों में सड़क, पुल-पुलिया, शिक्षा, पेयजल, विद्युत तथा अन्य बुनियादी सुविधाओं को सशक्त किया जाएगा, जिससे आमजन को सीधा लाभ मिलेगा।
38 कार्यों का लोकार्पण, 30.46 करोड़ की लागत
मुख्यमंत्री द्वारा जिले में 38 पूर्ण हो चुके विकास कार्यों का लोकार्पण किया जाएगा, जिनकी कुल लागत 30 करोड़ 46 लाख रुपये है। इनमें सड़क, पुल एवं पुलिया के 9 कार्य शामिल हैं, जिन पर 9 करोड़ 64 लाख 14 हजार रुपये खर्च किए गए हैं।
इसके अलावा स्कूल भवन, आश्रम छात्रावास एवं जीर्णोद्धार से जुड़े 7 कार्यों पर 2 करोड़ 89 लाख 19 हजार रुपये, पेयजल आपूर्ति से जुड़े 10 कार्यों पर 6 करोड़ 62 लाख 64 हजार रुपये तथा विद्युत विस्तार के 6 कार्यों पर 4 करोड़ 88 लाख 55 हजार रुपये की लागत आई है। वहीं अन्य 6 कार्यों पर 6 करोड़ 41 लाख 48 हजार रुपये खर्च किए गए हैं।
320 कार्यों का भूमिपूजन, 316.70 करोड़ का निवेश
मुख्यमंत्री द्वारा 320 नए विकास कार्यों का भूमिपूजन किया जाएगा, जिनकी अनुमानित लागत 316 करोड़ 70 लाख 03 हजार रुपये है। इनमें सड़क, पुल एवं पुलिया के 85 कार्य प्रमुख हैं, जिन पर 268 करोड़ 26 लाख 18 हजार रुपये खर्च किए जाएंगे।
शिक्षा अधोसंरचना के अंतर्गत स्कूल भवन, आश्रम छात्रावास निर्माण एवं जीर्णोद्धार के 76 कार्यों पर 10 करोड़ 24 लाख 32 हजार रुपये, पेयजल आपूर्ति के 43 कार्यों पर 15 करोड़ 17 लाख 22 हजार रुपये तथा विद्युत विस्तार के 23 कार्यों पर 9 करोड़ 97 लाख 45 हजार रुपये की लागत प्रस्तावित है। इसके अतिरिक्त अन्य 93 विकास कार्यों पर 13 करोड़ 04 लाख 82 हजार रुपये खर्च किए जाएंगे।
दूरस्थ इलाकों को मिलेगा सीधा लाभ
इन सभी विकास कार्यों से जिले के सुदूर एवं आदिवासी अंचलों में आवागमन सुगम होगा, शिक्षा एवं स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूती मिलेगी, साथ ही पेयजल और बिजली जैसी मूलभूत आवश्यकताओं की उपलब्धता में उल्लेखनीय सुधार होगा। प्रशासनिक स्तर पर इन परियोजनाओं को जिले के विकास में मील का पत्थर बताया जा रहा है।




