नारायणपुर

मुख्यधारा की ओर बढ़ते कदम

कलेक्टर नम्रता जैन ने आत्मसमर्पित माओवादियों को बांटी आदर्श किट, सम्मानजनक पुनर्वास का भरोसा

नारायणपुर, 16 जनवरी।
नक्सल प्रभावित नारायणपुर जिले में हिंसा छोड़कर मुख्यधारा में लौट रहे आत्मसमर्पित माओवादियों के पुनर्वास की दिशा में जिला प्रशासन ने एक और संवेदनशील पहल की है। कलेक्टर नम्रता जैन ने पुनर्वास केंद्र में निवासरत आत्मसमर्पित माओवादियों को आदर्श किट का वितरण करते हुए उन्हें सम्मानजनक और सुरक्षित भविष्य का भरोसा दिलाया।

यह पहल राज्य सरकार की पुनर्वास नीति के तहत आत्मसमर्पित युवाओं को सामाजिक रूप से पुनर्स्थापित करने, आत्मनिर्भर बनाने और सकारात्मक जीवन की ओर अग्रसर करने की दिशा में अहम कदम मानी जा रही है।


आत्मसमर्पण साहस का प्रतीक: कलेक्टर

आत्मसमर्पित माओवादियों से संवाद करते हुए कलेक्टर नम्रता जैन ने कहा कि आत्मसमर्पण केवल हिंसा छोड़ने का निर्णय नहीं, बल्कि साहस और सकारात्मक परिवर्तन की भावना का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि शासन-प्रशासन का दायित्व है कि आत्मसमर्पण करने वाले युवाओं को सुरक्षित माहौल, सम्मान और आगे बढ़ने के समान अवसर उपलब्ध कराए जाएं।

कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि पुनर्वास केंद्र केवल रहने की व्यवस्था नहीं, बल्कि नए जीवन की मजबूत नींव है, जहाँ से आत्मसमर्पित युवा अपने भविष्य को नई दिशा दे सकते हैं।


आत्मविश्वास और गरिमा को ध्यान में रखकर तैयार की गई किट

जिला प्रशासन द्वारा वितरित की गई आदर्श किट को आत्मसमर्पित माओवादियों की दैनिक आवश्यकताओं, मौसम और व्यक्तिगत गरिमा को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया है।

पुरुष आत्मसमर्पित माओवादियों को ट्रैक सूट, पेंट, शर्ट, लोवर, टी-शर्ट, स्वेटर और बैग सहित आवश्यक सामग्री दी गई। वहीं महिला आत्मसमर्पित माओवादियों को ट्रैक सूट, साड़ी, पेटीकोट, स्वेटर, लोवर, टी-शर्ट, श्रृंगार सामग्री, सेनेटरी पैड, बैग एवं दैनिक उपयोग की अन्य वस्तुएँ प्रदान की गईं।


केवल सामग्री नहीं, भरोसे का संदेश

कलेक्टर ने कहा कि यह वितरण केवल वस्तुओं तक सीमित नहीं है, बल्कि आत्मसमर्पित माओवादियों के प्रति शासन की संवेदनशीलता, विश्वास और समर्थन का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन आगे भी स्वास्थ्य परीक्षण, शिक्षा, कौशल विकास प्रशिक्षण, स्वरोजगार और रोजगार से जुड़े अवसर उपलब्ध कराकर युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए निरंतर प्रयास करेगा।


मुख्यधारा से जुड़ने की मजबूत पहल

कार्यक्रम के दौरान आत्मसमर्पित युवाओं के चेहरों पर आत्मविश्वास और संतोष साफ नजर आया। यह दृश्य इस बात का संकेत है कि पुनर्वास नीति अब जमीनी स्तर पर असर दिखा रही है और भटके हुए युवाओं को समाज की मुख्यधारा से जोड़ने में सफल हो रही है।


अधिकारी रहे उपस्थित

इस अवसर पर रोजगार अधिकारी एम.एल. अहिरवार सहित पुनर्वास केंद्र के अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे।

कलेक्टर नम्रता जैन ने आत्मसमर्पित माओवादियों को बांटी आदर्श किट, सम्मानजनक पुनर्वास का भरोसा

नारायणपुर, 16 जनवरी।
नक्सल प्रभावित नारायणपुर जिले में हिंसा छोड़कर मुख्यधारा में लौट रहे आत्मसमर्पित माओवादियों के पुनर्वास की दिशा में जिला प्रशासन ने एक और संवेदनशील पहल की है। कलेक्टर नम्रता जैन ने पुनर्वास केंद्र में निवासरत आत्मसमर्पित माओवादियों को आदर्श किट का वितरण करते हुए उन्हें सम्मानजनक और सुरक्षित भविष्य का भरोसा दिलाया।

यह पहल राज्य सरकार की पुनर्वास नीति के तहत आत्मसमर्पित युवाओं को सामाजिक रूप से पुनर्स्थापित करने, आत्मनिर्भर बनाने और सकारात्मक जीवन की ओर अग्रसर करने की दिशा में अहम कदम मानी जा रही है।


आत्मसमर्पण साहस का प्रतीक: कलेक्टर

आत्मसमर्पित माओवादियों से संवाद करते हुए कलेक्टर नम्रता जैन ने कहा कि आत्मसमर्पण केवल हिंसा छोड़ने का निर्णय नहीं, बल्कि साहस और सकारात्मक परिवर्तन की भावना का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि शासन-प्रशासन का दायित्व है कि आत्मसमर्पण करने वाले युवाओं को सुरक्षित माहौल, सम्मान और आगे बढ़ने के समान अवसर उपलब्ध कराए जाएं।

कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि पुनर्वास केंद्र केवल रहने की व्यवस्था नहीं, बल्कि नए जीवन की मजबूत नींव है, जहाँ से आत्मसमर्पित युवा अपने भविष्य को नई दिशा दे सकते हैं।


आत्मविश्वास और गरिमा को ध्यान में रखकर तैयार की गई किट

जिला प्रशासन द्वारा वितरित की गई आदर्श किट को आत्मसमर्पित माओवादियों की दैनिक आवश्यकताओं, मौसम और व्यक्तिगत गरिमा को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया है।

पुरुष आत्मसमर्पित माओवादियों को ट्रैक सूट, पेंट, शर्ट, लोवर, टी-शर्ट, स्वेटर और बैग सहित आवश्यक सामग्री दी गई। वहीं महिला आत्मसमर्पित माओवादियों को ट्रैक सूट, साड़ी, पेटीकोट, स्वेटर, लोवर, टी-शर्ट, श्रृंगार सामग्री, सेनेटरी पैड, बैग एवं दैनिक उपयोग की अन्य वस्तुएँ प्रदान की गईं।


केवल सामग्री नहीं, भरोसे का संदेश

कलेक्टर ने कहा कि यह वितरण केवल वस्तुओं तक सीमित नहीं है, बल्कि आत्मसमर्पित माओवादियों के प्रति शासन की संवेदनशीलता, विश्वास और समर्थन का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन आगे भी स्वास्थ्य परीक्षण, शिक्षा, कौशल विकास प्रशिक्षण, स्वरोजगार और रोजगार से जुड़े अवसर उपलब्ध कराकर युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए निरंतर प्रयास करेगा।


मुख्यधारा से जुड़ने की मजबूत पहल

कार्यक्रम के दौरान आत्मसमर्पित युवाओं के चेहरों पर आत्मविश्वास और संतोष साफ नजर आया। यह दृश्य इस बात का संकेत है कि पुनर्वास नीति अब जमीनी स्तर पर असर दिखा रही है और भटके हुए युवाओं को समाज की मुख्यधारा से जोड़ने में सफल हो रही है।


अधिकारी रहे उपस्थित

इस अवसर पर रोजगार अधिकारी एम.एल. अहिरवार सहित पुनर्वास केंद्र के अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे।

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