बदहाल पड़ी सड़क: जनआक्रोश के बाद हरकत में आया विभाग

गढ़बेंगाल चौक से बखरूपारा एड़का चौक तक सड़क मरम्मत कार्य शुरू…
(कैलाश सोनी) नारायणपुर। अबूझमाड़ जिला मुख्यालय नारायणपुर के प्रमुख मार्ग गढ़बेंगाल चौक से बखरूपारा एड़का चौक तक लंबे समय से बदहाल पड़ी सड़क पर आखिरकार मरम्मत कार्य शुरू कर दिया गया है। यह कार्य जनआंदोलन और चक्काजाम की घोषणा के बाद प्रारंभ हुआ, जिससे एक बार फिर प्रशासनिक व्यवस्था और विभागीय सक्रियता पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
यह वही सड़क है जो जिला मुख्यालय को कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों से जोड़ती है और जहां पिछले कई वर्षों से गड्ढों, उखड़ी सतह और धूल-मिट्टी के कारण आमजन, वाहन चालकों और राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था।

चक्काजाम की घोषणा के बीच शुरू हुआ मरम्मत कार्य, जनता पूछ रही – इतनी मशक्कत क्यों?
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि सड़क की बदहाली को लेकर लगातार ज्ञापन, शिकायतें और मुलाकातें होती रहीं, लेकिन विभाग और प्रशासन की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
अब जब चक्काजाम आंदोलन की घोषणा की गई, तो आनन-फानन में सड़क मरम्मत कार्य शुरू कर दिया गया।
इसी को लेकर जनता सवाल कर रही है कि
“क्या बिना आंदोलन और दबाव के विभाग काम नहीं करता?”
चार माह पहले भी हो चुका है चक्काजाम
यह पहला अवसर नहीं है जब इस सड़क को लेकर आंदोलन हुआ हो।
करीब चार माह पहले भी जिला कांग्रेस कमेटी के नेतृत्व में गढ़बेंगाल चौक पर चक्काजाम किया गया था। उस समय प्रशासन और विभागीय अधिकारियों द्वारा जल्द मरम्मत का आश्वासन दिया गया था, लेकिन इसके बावजूद सड़क की स्थिति में कोई ठोस सुधार नहीं हुआ।
स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क पर चलना दुर्घटनाओं को आमंत्रण देने जैसा था, खासकर दोपहिया वाहन चालकों और पैदल राहगीरों के लिए।
मंत्री के निर्देश के बाद शुरू हुआ काम
सूत्रों के अनुसार, हाल ही में सोशल मीडिया और स्थानीय स्तर पर मामला उठने के बाद राज्य सरकार के केबिनेट मंत्री केदार कश्यप द्वारा
गढ़बेंगाल चौक से बखरूपारा एड़का चौक तक सड़क मरम्मत कार्य शीघ्र प्रारंभ करने के निर्देश दिए गए।
मंत्री के निर्देश के बाद विभाग हरकत में आया और सड़क की खुदाई कर मरम्मत कार्य शुरू किया गया।
इस दौरान एसडीएम, जनपद सीईओ और विभागीय अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर कार्य की प्रगति और गुणवत्ता का निरीक्षण किया।
ज्ञापन, शिकायतें और मुलाकातें – फिर भी कोई असर नहीं
नारायणपुर जिला कांग्रेस अध्यक्ष के नेतृत्व में इससे पहले दो बार कलेक्टर से मुलाकात कर सड़क की खराब स्थिति, दुर्घटनाओं की आशंका और आम जनता की परेशानियों से अवगत कराया गया था।
इसके अलावा लिखित ज्ञापन और शिकायतें भी दी गईं, लेकिन किसी भी स्तर पर समय रहते प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई।
जनता में यह धारणा बन रही है कि
“जब तक सड़क पर उतरकर आंदोलन नहीं किया जाएगा, तब तक व्यवस्था सक्रिय नहीं होगी।”
“दिखावे का काम किया जा रहा है” – कांग्रेस का आरोप
जिला कांग्रेस कमेटी का आरोप है कि
चक्काजाम की घोषणा के बाद केवल दिखावे के लिए सड़क मरम्मत शुरू की गई है।
कांग्रेस नेताओं का कहना है कि
“यदि यह काम पहले ही गंभीरता से किया गया होता, तो जनता को सड़क पर उतरने की जरूरत ही नहीं पड़ती।”
कांग्रेस ने साफ किया है कि यदि सड़क का स्थायी समाधान नहीं किया गया, तो आगामी दिनों में आंदोलन किया जाएगा।
आंदोलन की घोषणा से पहले क्यों नहीं जागा विभाग?
शनिवार 3 जनवरी को जिला कांग्रेस कमेटी के तत्वावधान में
गढ़बेंगाल चौक पर सुबह 10 बजे से दोपहर 2 बजे तक चक्काजाम आंदोलन की घोषणा की गई थी।
इसी घोषणा के बाद विभाग द्वारा मरम्मत कार्य शुरू किया गया, जिससे यह सवाल और गहरा गया कि
“क्या प्रशासन केवल आंदोलन की आहट पर ही सक्रिय होता है?”
विभागीय खींचतान में पिसती रही जनता
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि सड़क की बदहाली के पीछे
लोक निर्माण विभाग और राष्ट्रीय राजमार्ग विभाग के बीच जिम्मेदारी को लेकर लंबे समय से खींचतान चल रही थी।
एक-दूसरे पर जिम्मेदारी डालने के चलते
सड़क सुधार का काम वर्षों तक आगे नहीं बढ़ पाया और
इसका खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ा।
राहत भी, सवाल भी
हालांकि सड़क मरम्मत कार्य शुरू होने से लोगों को आंशिक राहत जरूर मिली है,
लेकिन अब भी कई सवाल कायम हैं—
- क्या यह मरम्मत कार्य टिकाऊ होगा?
- क्या हर जरूरी सुविधा के लिए जनता को आंदोलन करना पड़ेगा?
- क्या काम पूरा होने के बाद सड़क फिर से बदहाल नहीं होगी?
जनता चाहती है कि
मरम्मत कार्य केवल अस्थायी न होकर स्थायी और गुणवत्तापूर्ण हो, ताकि भविष्य में उन्हें दोबारा आंदोलन की राह न पकड़नी पड़े।




