पहली बार सिनेमा हॉल, पहली बार सपनों की उड़ान
कलेक्टर–एसपी–सीईओ संग भोजन पर सजा अबूझमाड़ : मावा माड़- सपनों का संवाद

नारायणपुर, 19 जनवरी 2026। जिन बच्चों ने कभी नक्सली दहशत के साए में बचपन जिया, जिनके गांवों तक न पक्की सड़क थी, न स्कूल का समुचित भवन, न आश्रम शालाओं में रसोई की पर्याप्त व्यवस्था—आज वही बच्चे जिला प्रशासन के साथ एक ही मेज पर बैठे, खुलकर बोले और सपनों को शब्द मिले। यह दृश्य केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि अबूझमाड़ के भविष्य की नई तस्वीर बन गया।

जिला प्रशासन की अभिनव पहल “मावा माड़ : सपनों का संवाद” के अंतर्गत सुदूर अंचल ग्राम धुरबेड़ा और मोहंदी के पूर्व माध्यमिक शाला के विद्यार्थियों को नारायणपुर मुख्यालय लाया गया। जिला कार्यालय परिसर में कलेक्टर नम्रता जैन ने बच्चों से सीधा संवाद किया। पिछली मुलाकात में बच्चों द्वारा नारायणपुर आने की इच्छा जताई गई थी, जिसे प्रशासन ने तत्परता से पूरा किया।

संवाद के दौरान बच्चों ने डॉक्टर, इंजीनियर, पुलिस और शिक्षक बनने की अपनी जिज्ञासाएं साझा कीं। कलेक्टर ने उन्हें समय के सदुपयोग, लक्ष्य तय करने और भौतिकी, रसायन, गणित व अंग्रेजी जैसे विषयों पर विशेष ध्यान देने की प्रेरणा दी। बच्चों द्वारा गणित शिक्षक की मांग पर शीघ्र निराकरण का भरोसा दिलाया गया।
कक्षा आठवीं के छात्र बुधराम मण्डावी ने स्कूल आने-जाने व खेल गतिविधियों के लिए मैदान की मांग रखी, जिस पर सकारात्मक आश्वासन मिला।
कार्यक्रम की खास झलक तब दिखी, जब बच्चों ने कलेक्टर, एसपी और जिला पंचायत सीईओ के साथ बैठकर भोजन किया—यह उनके लिए पहली बार सिनेमा हॉल देखने और पहली बार प्रशासन के शीर्ष अधिकारियों के साथ ऐसा आत्मीय संवाद था। तस्वीरों में बच्चों की आंखों की चमक और आत्मविश्वास भविष्य की उम्मीद बनकर उभरा।
कलेक्टर नम्रता जैन के मार्गदर्शन में बच्चों का दो दिवसीय शैक्षणिक भ्रमण कराया जा रहा है। कलेक्ट्रेट के बाद विद्यार्थियों ने शांत सरोवर जलाशय (बिंजली), नवोदय विद्यालय सुपगांव, कृषि विज्ञान केंद्र केरलापाल, एजुकेशन हब गरांजी, ग्रंथालय और जिला न्यायालय का भ्रमण किया। इस दौरान बच्चों ने स्थानीय बोली में गीत भी प्रस्तुत किए। उन्हें डॉक्टर, शिक्षक, पुलिस व इंजीनियर बनने के लिए आवश्यक योग्यताओं की जानकारी दी गई।
कार्यक्रम में पुलिस अधीक्षक रॉबिनसन गुड़िया, जिला पंचायत सीईओ आकांक्षा शिक्षा खलखो, एडिशनल एसपी अजय कुमार, अक्षय साबद्रा, सहायक आयुक्त आदिवासी विकास राजेन्द्र सिंह, जिला शिक्षा अधिकारी अशोक कुमार पटेल सहित अधिकारी उपस्थित रहे।
संदेश साफ है—अबूझमाड़ के बच्चों के सपनों को मंच मिला है। दहशत से संवाद तक का यह सफर, प्रशासन–समाज की साझी कोशिश से, उज्ज्वल भविष्य की ओर बढ़ता कदम है।




