कार्यस्थल पर महिलाओं की सुरक्षा पर मंथन
यौन उत्पीड़न निवारण अधिनियम–2013 पर एक दिवसीय कार्यशाला आयोजित

नारायणपुर | प्रतिनिधि
महिलाओं के सम्मान, सुरक्षा एवं अधिकारों के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से सोमवार को महिलाओं का यौन उत्पीड़न (निवारण, प्रतिषेध एवं प्रतितोष) अधिनियम–2013 पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। यह कार्यशाला जिला महिला एवं बाल विकास विभाग, नारायणपुर द्वारा शासकीय स्वामी आत्मानंद स्नातकोत्तर महाविद्यालय एवं वीरांगना रमोतीन माडिया शासकीय आदर्श महिला महाविद्यालय, नारायणपुर के संयुक्त तत्वावधान में संपन्न हुई।
कार्यक्रम की शुरुआत प्राचार्य डॉ. एस. आर. कुंजाम की अध्यक्षता में मां सरस्वती के छायाचित्र पर दीप प्रज्ज्वलन के साथ की गई। कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य कार्यस्थल पर महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने, पाश (POSH) अधिनियम–2013 की विस्तृत जानकारी देने, इसके प्रभावी क्रियान्वयन तथा शिकायत निवारण की प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और सुदृढ़ बनाने पर केंद्रित रहा।
कार्यशाला में कार्यरत महिला कर्मचारियों एवं छात्राओं को पीपीटी प्रस्तुति के माध्यम से कानूनी प्रावधानों, अधिकारों एवं शिकायत प्रक्रिया की जानकारी दी गई। मुख्य अतिथि वक्ता श्री सनातन मेरसा ने विधिक जागरूकता सत्र में किशोर न्याय (बालकों की देखरेख एवं संरक्षण) अधिनियम, लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम–2012 (POCSO), बाल श्रम अधिनियम, बाल विवाह निषेध एवं बालिका शिक्षा से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां साझा कीं।
कार्यक्रम की अगली कड़ी में श्रीमती किरण नेलवाल चतुर्वेदी ने आंतरिक शिकायत समिति (Internal Committee) की भूमिका, गठन एवं कार्रवाई प्रक्रिया के बारे में विस्तार से जानकारी दी। वहीं तरन्नुम एवं सुश्री पुष्पा बंजारे ने सखी वन स्टॉप सेंटर की विभिन्न योजनाओं, सुविधाओं एवं पीड़ित महिलाओं को मिलने वाले सहयोग पर प्रकाश डाला।
कार्यक्रम का संचालन श्री संतोष कुमार राव, सहायक प्राध्यापक (वाणिज्य) ने किया। अंत में डॉ. (श्रीमती) मीनाक्षी ठाकुर द्वारा आभार प्रदर्शन किया गया। कार्यशाला में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं, महिला कर्मचारी एवं अधिकारी उपस्थित रहे और इसे अत्यंत उपयोगी व जागरूकता बढ़ाने वाला बताया।
फोटो विवरण:
शासकीय स्वामी आत्मानंद स्नातकोत्तर महाविद्यालय में आयोजित कार्यशाला के दौरान उपस्थित छात्र-छात्राएं एवं अधिकारी, मंच से महिलाओं के यौन उत्पीड़न निवारण अधिनियम–2013 पर जानकारी देते वक्ता।




