नारायणपुर

ओरछा पहुंचे उपमुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री, नियद नेल्ला नार पंचायतों के कार्यों की समीक्षा

अबूझमाड़ में जनचौपाल, विकास पर सीधा संवाद

कैलाश सोनी नारायणपुर।

नारायणपुर, 08 जनवरी। अतिसंवेदनशील अबूझमाड़ क्षेत्र के ओरछा गांव में गुरुवार को जनचौपाल के दौरान विकास और सुरक्षा को लेकर अभूतपूर्व जनसमर्थन देखने को मिला। उपमुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री विजय शर्मा के आगमन पर ग्रामीणों का जनसैलाब उमड़ा। मौके पर नियद नेल्ला नार योजना से जुड़ी पंचायतों के विकास कार्यों की समीक्षा करते हुए उन्होंने समाज प्रमुखों और जनप्रतिनिधियों से सीधा संवाद किया।

बैठक में विभिन्न ग्राम पंचायतों से आए प्रतिनिधियों के साथ मांझी-चालकी, गायता, सिरहा, गुनिया, सरपंच तथा स्व-सहायता समूहों के सदस्य मौजूद रहे। गृह मंत्री ने सभी का अभिवादन करते हुए स्पष्ट किया कि हिंसा के साए में विकास संभव नहीं है। शासन बस्तर के हर गांव में शांति और खुशहाली के लिए दृढ़ संकल्प के साथ काम कर रहा है। उन्होंने कहा कि भटके हुए युवक-युवतियों को मुख्यधारा में लौटने के लिए प्रेरित करना समाज की साझा जिम्मेदारी है, ताकि पुनर्वास के साथ वे गांव और राज्य के विकास में सहभागी बन सकें।

गृह मंत्री ने बताया कि ग्राम स्तर पर विकास के मॉडल तैयार किए जा रहे हैं। महिला समूहों और युवाओं को सशक्त बनाकर वनोपजों का प्राथमिक प्रसंस्करण गांवों में ही होगा, जिससे संग्राहक आगे चलकर उत्पादक और व्यवसायी बन सकेंगे। नियद नेल्ला नार योजना के तहत स्थानीय कैंप विकास के केंद्र बनकर काम कर रहे हैं और शासकीय योजनाओं के शत-प्रतिशत क्रियान्वयन पर जोर दिया जा रहा है।

उन्होंने समाज प्रमुखों से अपील की कि माओवादी विचारधारा में सक्रिय युवाओं को समझाकर पुनर्वास के लिए आगे लाएं। जो ग्राम अपने सभी सदस्यों को मुख्यधारा में लाकर स्वयं को सशस्त्र नक्सल हिंसा से मुक्त घोषित करेंगे, उन्हें इलवद पंचायत योजना के तहत विकास कार्यों के लिए अतिरिक्त एक करोड़ रुपये दिए जाएंगे।

जनचौपाल में सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल, आवास, रोजगार और आजीविका संवर्धन पर विस्तार से चर्चा हुई। ग्रामीणों ने बताया कि वर्षों बाद अब सड़क और बिजली जैसी बुनियादी सुविधाएं गांवों तक पहुंच रही हैं। शाम ढलने के बाद भी आवागमन सहज होने से गांव का माहौल बदला है। ओरछा की स्व-सहायता समूहों की मांग पर गृह मंत्री ने महतारी सदन और स्टोरेज निर्माण का आश्वासन दिया। अबूझमाड़ क्षेत्र के तोयनार और कोड़मेटा में सड़क निर्माण कार्यों की स्वीकृति की जानकारी भी दी गई।

गृह मंत्री ने बस्तर संभाग की समृद्ध संस्कृति, परंपरा और सभ्यता के संरक्षण की जरूरत पर जोर दिया और वनोपजों के बेहतर प्रसंस्करण व बाजार उपलब्धता पर चर्चा की। इसके बाद निःशुल्क सरस्वती सायकल योजना के तहत 20 छात्राओं को सायकल वितरित की गई। जनचौपाल में उन्होंने ग्रामीणों से सीधे संवाद कर योजनाओं की जमीनी हकीकत जानी और अधिकारियों को शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, बिजली व आवास योजनाओं का लाभ समयबद्ध और पारदर्शी ढंग से पहुंचाने के निर्देश दिए।

कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष नारायण मरकाम, उपाध्यक्ष प्रताप सिंह मंडावी, छोटे डोंगर सरपंच संध्या पवार, जनपद पंचायत अध्यक्ष नरेश कोर्राम, एडीजी नक्सल ऑपरेशन विवेकानंद सिन्हा, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के सचिव भीम सिंह, बस्तर कमिश्नर डोमन सिंह, आईजी सुंदरराज पी., संचालक पंचायत ग्रामीण विकास अश्विनी देवांगन, पुलिस अधीक्षक रॉबिंसन गुड़िया, डीएफओ वेंकेटेशा एमजी, जिला पंचायत सीईओ आकांक्षा शिक्षा खलखो, अपर कलेक्टर बीरेन्द्र बहादुर पंचभाई सहित बड़ी संख्या में समाज प्रमुख और ग्रामीणजन उपस्थित रहे।

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