आईटीबीपी–डीआरजी की संयुक्त कार्रवाई, आदिंगपार–कुमेरादी के जंगलों से 82 बीजीएल सेल बरामद
नक्सल प्रभावित क्षेत्र में सघन सर्च अभियान, सुरक्षा बलों को बड़ी सफलता

पुलिस अधीक्षक रॉबिंसन गुड़िया (भा.पु.से.), 53वीं वाहिनी आईटीबीपी के सेनानी संजय कुमार, द्वितीय कमान अधिकारी संजय कुमार भारद्वाज एवं उप सेनानी प्रशांत सोनी के मार्गदर्शन में जिले में लगातार नक्सल विरोधी अभियान संचालित किए जा रहे हैं। इसी क्रम में 18 जनवरी 2026 को भारत-तिब्बत सीमा पुलिस बल की 53वीं वाहिनी एवं डीआरजी की संयुक्त टीम को गोपनीय सूचना प्राप्त हुई थी कि आदिंगपार–कुमेरादी क्षेत्र के जंगलों में नक्सली तत्वों द्वारा विस्फोटक सामग्री छिपाकर रखी गई है।

सूचना के आधार पर आईटीबीपी आदिंगपार ई-समावय के कंपनी कमांडर आज़ाद तथा डीआरजी से सहायक उप निरीक्षक नरेंद्र ठाकुर के नेतृत्व में सघन सर्च एवं एरिया डॉमिनेशन अभियान चलाया गया। तलाशी के दौरान जंगल क्षेत्र में संदिग्ध पॉलीथीन दिखाई देने पर आसपास के इलाके की बारीकी से जांच की गई, जहां से नक्सलियों द्वारा गोलाबारी एवं हिंसक घटनाओं में उपयोग की जा सकने वाली 82 नग बीजीएल सेल बरामद हुई।
बरामद समस्त सामग्री को मौके पर ही विधिवत जप्त कर लिया गया है। जप्त विस्फोटक सामग्री के संबंध में अग्रिम जांच एवं तकनीकी विश्लेषण की कार्यवाही जारी है। अभियान के दौरान क्षेत्र में पूर्ण सतर्कता, घेराबंदी एवं सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखी गई। आम नागरिकों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए संपूर्ण कार्रवाई शांतिपूर्ण एवं खैरियतपूर्वक संपन्न हुई।
आईटीबीपी एवं डीआरजी द्वारा नक्सल प्रभावित इलाकों में लगातार सर्च अभियान, गश्त एवं निगरानी के माध्यम से शांति, सुरक्षा और कानून-व्यवस्था बनाए रखने की दिशा में प्रभावी कदम उठाए जा रहे हैं, जो आगे भी जारी रहेंगे।
संयुक्त सर्च अभियान के बाद आदिंगपार–कुमेरादी क्षेत्र में बरामद 82 नग बीजीएल सेल को मौके पर सजा कर रखा गया। दूसरी तस्वीर में आईटीबीपी एवं डीआरजी के जवान अभियान के बाद जंगल क्षेत्र में मौजूद नजर आ रहे हैं, जो सुरक्षा बलों की मुस्तैदी और नक्सल विरोधी अभियान की सफलता को दर्शाता है।




