नारायणपुर

राज्य सरकार की योजनाओं के बेहतर संचालन पर जोर

रोल मॉडल बनकर प्रदेश में प्रथम स्थान दिलाने के निर्देश

जिला कार्यालय के सभाकक्ष में आयोजित जिला स्तरीय समीक्षा बैठक में कलेक्टर नम्रता जैन ने प्रभारी सचिव को जिले की भौगोलिक, प्रशासनिक और योजनागत स्थिति की विस्तृत जानकारी दी। इसके बाद प्रभारी सचिव ने वित्तीय वर्ष 2016-23 एवं 2024-26 के दौरान स्वीकृत आवासों, आत्मसमर्पित नक्सलियों एवं नक्सल पीड़ितों, पीएम जनमन, नियद नेल्लानार, आवास प्लस 2.0, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन, बैंक लिंकेज, लखपति महिला योजना, महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, लोक निर्माण विभाग, जल जीवन मिशन, सोलर पंप, हैंडपंप, सौर सुजला सहित नियद नेल्लानार योजनांतर्गत सोलर हाई मास्ट संयंत्रों की स्थापना की प्रगति की समीक्षा की।

बैठक में स्कूलों, जिला प्रशासन द्वारा संचालित परियोजना दिव्यांग आवासीय विद्यालय, पोर्टा केबिन तथा आदिवासी विभाग अंतर्गत सभी पीवीटीजी परिवारों के आधार कार्ड, जनधन बैंक खाता, आयुष्मान कार्ड, जाति प्रमाण पत्र और राशन कार्ड की स्थिति की भी जानकारी ली गई। प्रभारी सचिव ने इन सभी योजनाओं का लाभ शत-प्रतिशत पात्र हितग्राहियों तक पहुंचाने के निर्देश दिए।

प्रभारी सचिव ने रोजगार, कृषि, उद्यानिकी, शिक्षा, स्वास्थ्य, महिला एवं बाल विकास, खाद्य, नगरपालिका, समाज कल्याण, पुनर्वास, विद्युत, श्रम और राजस्व विभाग के कार्यों की विस्तृत समीक्षा करते हुए कहा कि योजनाओं का क्रियान्वयन केवल कागजों तक सीमित न रहे, बल्कि उसका प्रत्यक्ष लाभ जनता को दिखना चाहिए।

कलेक्टर नम्रता जैन ने बताया कि प्रशासन गांव की ओर अभियान के तहत जिले की ग्राम पंचायतों में नियमित शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। इन शिविरों में प्राप्त आवेदनों का गंभीरतापूर्वक परीक्षण कर समयबद्ध निराकरण किया जा रहा है। प्रभारी सचिव ने निर्देश दिए कि किसी भी आवेदन को लंबित न रखा जाए।

जिले की प्रशासनिक संरचना की जानकारी देते हुए कलेक्टर ने बताया कि जिले में चार तहसील, दो विकासखंड नारायणपुर और ओरछा तथा दो अनुविभागीय अधिकारी कार्यालय संचालित हैं। जनदर्शन में प्राप्त आवेदनों में मुख्य रूप से प्रधानमंत्री आवास, भूमि सुधार, राशन कार्ड, हैंडपंप, सड़क, भवन, पुल-पुलिया निर्माण और ऋण पुस्तिका से संबंधित मांगें शामिल हैं, जिनका शत-प्रतिशत निराकरण किया जा रहा है। आत्मसमर्पित नक्सलियों को पुनर्वास नीति के तहत लाभान्वित कर आरसेटी के माध्यम से आत्मनिर्भर बनाने के प्रयास किए जा रहे हैं।

एनआरएलएम अंतर्गत लखपति दीदी योजना की प्रगति की जानकारी लेते हुए प्रभारी सचिव ने महिलाओं की आयवर्धन गतिविधियों को और सशक्त करने के निर्देश दिए। महिला एवं बाल विकास तथा स्वास्थ्य विभाग को जिले में कुपोषण की दर में कमी लाने के लिए समन्वित प्रयास करने के निर्देश दिए गए। महतारी वंदन योजना से वंचित माताओं का शीघ्र पंजीयन कराने पर भी जोर दिया गया।

जल जीवन मिशन की समीक्षा करते हुए प्रभारी सचिव ने कहा कि राज्य सरकार की मंशा के अनुरूप जिले के सभी घरों में शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराना सर्वोच्च प्राथमिकता है। कृषि विभाग की समीक्षा में रबी फसल को बढ़ावा देने के लिए किसानों को प्रेरित करने और तकनीकी मार्गदर्शन देने के निर्देश दिए गए। पीएम जनमन योजना के तहत नियद नेल्लानार क्षेत्र में सभी हितग्राहियों का शत-प्रतिशत सर्वे कर योजनाओं से लाभान्वित करने के निर्देश दिए गए। खाद्य विभाग को सात दिवस के भीतर सभी पात्र परिवारों को राशन कार्ड उपलब्ध कराने के स्पष्ट निर्देश दिए गए।

सड़क कनेक्टिविटी को जिले के विकास की रीढ़ बताते हुए प्रभारी सचिव ने नारायणपुर से कोण्डागांव राष्ट्रीय राजमार्ग निर्माण कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए। जिला शिक्षा अधिकारी को स्कूलों में शौचालय, पेयजल, अतिरिक्त कक्ष, गणवेश, मध्यान्ह भोजन और पाठ्यपुस्तक वितरण की नियमित समीक्षा कर आवश्यक सुधार सुनिश्चित करने को कहा गया।

स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा में मलेरिया निदान और उपचार व्यवस्था की जानकारी ली गई। अधिकारियों ने बताया कि संक्रमण पाए जाने पर मरीजों को नियमित रूप से मलेरिया डोज दी जा रही है। प्रभारी सचिव ने हाट बाजार क्लिनिक के माध्यम से अबूझमाड़ क्षेत्र के बाजारों में दवाइयों की नियमित उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

राजस्व विभाग की समीक्षा करते हुए प्रभारी सचिव ने अविवादित नामांतरण, खाता विभाजन, सीमांकन, त्रुटि सुधार और असर्वेक्षित ग्रामों के प्रकरणों के शीघ्र निराकरण के निर्देश दिए। किसानों को वनाधिकार पट्टों का वितरण सुनिश्चित करने पर भी विशेष जोर दिया गया।

प्रभारी सचिव ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की मंशा के अनुरूप नारायणपुर जिले को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने में सभी जिला स्तरीय अधिकारियों को सक्रिय भूमिका निभानी होगी। उन्होंने जिले को विकसित जिलों की श्रेणी में शामिल करने के लिए टीम भावना से कार्य करने का आह्वान किया।

बैठक में वनमंडलाधिकारी एमजी वेंकेटेशा, प्रभारी पुलिस अधीक्षक संदीप पटेल, अपर कलेक्टर बीरेंद्र बहादुर पंचभाई, एसडीएम अभयजीत मंडावी, डॉ सुमित गर्ग, डिप्टी कलेक्टर डीके कोशले, सुनील कुमार सोनपिपरे, सौरभ दीवान, सहायक आयुक्त आदिवासी विकास डॉ राजेन्द्र सिंह, जिला शिक्षा अधिकारी अशोक कुमार पटेल, कार्यपालन अभियंता लोक निर्माण विभाग संजय चौहान, उप संचालक समाज कल्याण एसएस रैदास, उप संचालक पंचायत यशपाल प्रेक्षा सहित अन्य जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।

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