नारायणपुर में लोह अयस्क वाहनों का आतंक, सड़कें बनीं मौत का गलियारा
दो दिन पहले कलेक्टर-एसपी ने किया था निरीक्षण, फिर भी नहीं थमी हादसों की रफ्तार

नारायणपुर। जिले में सड़क हादसे थमने का नाम नहीं ले रहे। नवंबर और दिसंबर माह में दो बड़े हादसों में मासूम सहित दो लोगों की जान जा चुकी है, इसके बावजूद सड़क सुरक्षा व्यवस्था जस की तस बनी हुई है। दो दिन पूर्व ही कलेक्टर प्रतिष्ठा ममगाईं और एसपी रॉबिनसन गुड़िया ने जिला मुख्यालय की सड़कों का निरीक्षण कर ब्रेकर बनाने सहित सुरक्षा के निर्देश दिए थे, पर हालात नहीं बदले।
आज फिर बड़ा हादसा — दो युवा गंभीर रूप से घायल
आज नारायणपुर–कोंडागांव मार्ग पर नेलवाड़ बिजली स्टेशन के पास तेज रफ्तार में जा रही लोह अयस्क से भरी ट्रक की चपेट में दो बाइक सवार आ गए। हादसे में 28 वर्षीय उमेश और सत्यम गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के बाद ट्रक चालक वाहन छोड़कर फरार हो गया। घटना की सूचना पर 108 की टीम मौके पर पहुंची और दोनों घायलों को अस्पताल शिफ्ट किया। उमेश को सिर और शरीर में गंभीर चोटें आई हैं और वह बेहोशी की स्थिति में है।
लोह अयस्क परिवहन बनी बड़ी समस्या, जनता रोज खतरे में
नारायणपुर से प्रतिदिन सैकड़ों भारी वाहनों में लोह अयस्क छोटेडोंगर, खदान क्षेत्र और बीएसपी के रावघाट खदानों से रायपुर की ओर ले जाया जाता है। इन बड़े वाहनों का कोई निश्चित समय निर्धारण नहीं है। सुबह-शाम स्कूल के समय, बाजार की भीड़ या ऑफिस आवागमन — हर वक्त सड़कों पर दौड़ते भारी ट्रकों से आम जनता दहशत में रहती है। दुर्घटनाओं का खतरा इतना बढ़ चुका है कि लोग व्यंग में जिले को ‘दुर्घटना जिला’ कहने लगे हैं।
स्कूली बच्चे, बुजुर्ग और बाइक सवार सबसे अधिक जोखिम में
आमजन की सबसे बड़ी चिंता यह है कि इन भारी वाहनों के चलते स्कूली बच्चे, बुजुर्ग और दोपहिया वाहन चालक रोजाना अपनी जान जोखिम में डालकर सफर करने को मजबूर हैं। बिना समय निर्धारण के बेतरतीब ढंग से दौड़ते भारी वाहन सड़क सुरक्षा को मज़ाक बना रहे हैं।
प्रशासन की बंद आंखें खोलने वाला हादसा
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि जिला प्रशासन को लोह अयस्क वाहनों के संचालन का एक तय समय निर्धारण करना चाहिए, ताकि भीड़भाड़ के समय ट्रकों का संचालन रोका जा सके। साथ ही मुख्य मार्गों पर ट्रैफिक व्यवस्था मजबूत की जाए, स्पीड कंट्रोल के लिए सख्ती बढ़ाई जाए और दुर्घटना-प्रवण क्षेत्रों में त्वरित सुरक्षा उपाय किए जाएं।
लगातार हो रहे हादसों ने जिले में भय का माहौल पैदा कर दिया है। आज का हादसा एक बार फिर प्रशासन की निष्क्रियता पर बड़ा सवाल खड़ा करता है। जनता उम्मीद कर रही है कि अब कार्रवाई होगी और सड़क सुरक्षा को लेकर ठोस कदम उठाए जाएंगे, ताकि रोजाना जान जोखिम में डालकर सफर करने की मजबूरी खत्म हो सके।




