काकुर में नया सुरक्षा व जनसुविधा कैंप शुरू
माड़ बचाओ अभियान के तहत पुलिस-डीआरजी-बीएसएफ की संयुक्त पहल

नारायणपुर/काकुर | 10 दिसंबर
थाना सोनपुर क्षेत्र के घने जंगलों में नक्सल विरोधी कार्रवाइयों को मजबूत बनाने और अंदरूनी गांवों तक विकास पहुंचाने के उद्देश्य से काकुर में नया सुरक्षा एवं जनसुविधा कैंप स्थापित किया गया है। यह कैंप नारायणपुर पुलिस, डीआरजी और बीएसएफ 86वीं बटालियन के संयुक्त प्रयास से तैयार हुआ है।

अभियान का उद्देश्य
- माड़ बचाओ अभियान के अंतर्गत अबूझमाड़ क्षेत्र में लगातार नए कैंपों की स्थापना
- सड़क, पुल-पुलिया, शिक्षा, स्वास्थ्य और नेटवर्क जैसी सुविधाओं को सुदूर गांवों तक पहुंचाना
- नक्सल प्रभावित इलाकों में सुरक्षा उपस्थिति मजबूत करना
नक्सलियों का पुराना गढ़ रहा है काकुर
- काकुर जंगल पहले प्रतिबंधित माओवादी संगठन कम्पनी-10 के बड़े लीडरों का गढ़
- पिछले दो वर्षों में इस इलाके में 20 से अधिक माओवादी एनकाउंटर में ढेर
- अब सुरक्षा बलों की स्थायी मौजूदगी से क्षेत्र में शांति और विश्वास का माहौल
इस नए कैंप से क्या बदलेगा?
- ग्रामीण क्षेत्रों में सुरक्षा की बड़ी मजबूती
- काकुर और आसपास के गांव—नेलगुंडा, ओडेटोला, मीनवाडा, तेकमेता, मुस्परसी आदि में विकास की रफ्तार तेज
- सड़क, पुल-पुलिया, स्वास्थ्य, शिक्षा और मोबाइल नेटवर्क विस्तार को मिलेगी गति
- सोनपुर–गारपा–परियादी–काकुर एक्सिस पर निर्माण कार्यों को सुरक्षा मिलेगी
ग्रामीणों ने जताई खुशी
- घर के पास पुलिस और प्रशासन की मौजूदगी से ग्रामीणों में सुरक्षा की भावना
- काकुर के लोग बोले—“अब पहली बार लगता है कि सरकार हमारे दरवाजे पर खड़ी है”
महत्वपूर्ण दूरी
- नारायणपुर जिला मुख्यालय से दूरी: 62 किमी
- थाना सोनपुर से दूरी: 36 किमी
- गारपा से दूरी: 12 किमी
2025 में इन इलाकों में भी खुले कैंप
नारायणपुर पुलिस ने वर्ष 2025 में नक्सल प्रभावित इन स्थलों पर कैंप स्थापित किए—
कुतुल, कोडलियर, बेडमाकोटी, पदमकोट, कान्दुलपार, नेलांगूर, पांगूड, रायनार, एडजुम, ईदवाया, आदेर, कुड़मेल, कोंगे, सितरम, तोके, जाटलूर, धोबे, डोडीमरका, पदमेटा, लंका, परियादी
नेतृत्व व सहयोग
नए कैंप की स्थापना में इन अधिकारियों का मार्गदर्शन और संयुक्त प्रयास रहा—
- पी. सुन्दराज – पुलिस महानिरीक्षक, बस्तर रेंज
- अमित कांबले – पुलिस उप महानिरीक्षक, कांकेर रेंज
- रोबिनसन गुरिया – पुलिस अधीक्षक, नारायणपुर
- कमल शर्मा – कमांडेंट, बीएसएफ 133वीं वाहिनी
- अनिल रावत – कमांडेंट, बीएसएफ 86वीं वाहिनी
- संदीप पटेल – सेनानी, 16वीं बटालियन CAF
- एसडीओपी लौकेश बंसल
- उप पुलिस अधीक्षक – आशीष नेताम, अविनाश कंवर, अजय कुमार सिंह
कैंप निर्माण में नारायणपुर डीआरजी, बस्तर फाइटर व बीएसएफ की 86वीं और 133वीं वाहिनियों की अहम भूमिका रही।




