आठ साल के मासूम की मौत का मामला: 10 दिन बाद भी वाहन चालक का नाम उजागर नहीं, परिजनों में नाराज़गी

नारायणपुर। कलेक्टोरेट रोड पर 29 नवंबर की सुबह स्कूली छात्र दीपक (8) की सड़क हादसे में मौत के बाद पूरा क्षेत्र शोक में डूबा हुआ है। घटना को दस दिन बीत जाने के बावजूद पुलिस अब तक वाहन चालक का नाम सार्वजनिक नहीं कर सकी है। इससे नाराज परिजन, समाजजन और स्थानीय लोग लगातार न्याय की मांग कर रहे हैं।

हादसे के बाद से पीड़ित परिवार और समाज के लोग तेज रफ्तार वाहन चालक पर कार्रवाई की मांग को लेकर आंदोलनरत हैं। सोमवार को भी बड़ी संख्या में लोग श्रद्धांजलि सभा में एकत्र हुए और प्रशासन को कड़ी कार्रवाई करने का ज्ञापन सौंपा।
“हमें सिर्फ न्याय चाहिए” — परिजन
पीड़ित परिवार का कहना है कि पुलिस द्वारा स्पष्ट जानकारी न देने से उनके मन में शंका पैदा हो रही है। परिजनों ने कहा कि “अगर पुलिस गंभीरता से जांच करती तो वाहन चालक का नाम अब तक सामने आ जाना चाहिए था। प्रशासन मामले में ढिलाई बरत रहा है।”

सोशल मीडिया पर उठा सवाल
स्थानीय युवाओं और सामाजिक संगठनों ने सोशल मीडिया पर भी सवाल उठाए हैं कि आखिर 10 दिन बाद भी आरोपी चालक कौन है, यह क्यों नहीं बताया जा रहा? समाज का कहना है कि यह स्पष्ट रूप से “हिट एंड रन” का मामला है, इसलिए त्वरित कार्रवाई होनी चाहिए।
श्रद्धांजलि सभा में सख्त कार्रवाई की मांग
सोमवार को शहर के विभिन्न संगठनों, समाज के प्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने दीपक की आत्मा की शांति के लिए दीप जलाकर श्रद्धांजलि दी। इस दौरान वक्ताओं ने कहा कि प्रशासन और पुलिस को लापरवाही छोड़कर आरोपित चालक पर कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों।
सभा में यह भी कहा गया कि मामले को टालने के बजाय पीड़ित परिवार को शीघ्र न्याय मिलना चाहिए।
हादसे की कहानी
29 नवंबर की सुबह अपने पिता के साथ स्कूटी में स्कूल जाते समय तेज रफ्तार कार की चपेट में आने से 8 वर्षीय छात्र दीपक की मौके पर ही मौत हो गई थी। घटना के बाद चालक फरार हो गया था। घटना के वक्त आसपास मौजूद लोगों ने बताया कि दुर्घटना के बाद उसका नाम और पहचान सामने नहीं आ सकी।
न्याय की उम्मीद में इंतजार
परिजन और समाजजन अब भी इस इंतजार में हैं कि पुलिस जल्द चालक का नाम उजागर करे और मामले में कठोर कार्रवाई हो। लोगों का कहना है कि न्याय मिलने तक आंदोलन जारी रहेगा।




