रेमावंड से मोड़ेंगा तक बनेगी पक्की सड़क
पुल–पुलिया सहित ₹5.30 करोड़ की स्वीकृति, केदार कश्यप के प्रयासों से ग्रामीणों को मिली बड़ी सौगात

नारायणपुर। जिले के सुदूर वनांचल रेमावंड से मोड़ेंगा के बीच अब पक्की सड़क बनने जा रही है। वर्षों से कच्चे रास्तों पर सफर की मजबूरी झेल रहे ग्रामीणों के लिए यह परियोजना किसी वरदान से कम नहीं मानी जा रही। छत्तीसगढ़ शासन ने इस सड़क निर्माण के लिए ₹5 करोड़ 30 लाख 97 हजार की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की है। प्रस्तावित सड़क 4.69 किमी लंबी होगी तथा मार्ग में पुल–पुलियों का निर्माण भी किया जाएगा। निर्माण कार्य लोक निर्माण विभाग (PWD) के माध्यम से किया जाएगा।

यह परियोजना छत्तीसगढ़ शासन के कैबिनेट मंत्री एवं नारायणपुर विधायक केदार कश्यप के सतत प्रयासों का प्रतिफल है। कश्यप लंबे समय से ग्रामीण अंचलों में आधारभूत संरचना के विकास व सड़क संपर्क सुधार को प्राथमिकता देते रहे हैं, जिसका लाभ अब रेमावंड–मोड़ेंगा क्षेत्र के नागरिकों को मिलने जा रहा है।
शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और व्यापार के लिए खुलेगी नई राह
इस स्वीकृति पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए केदार कश्यप ने कहा कि यह सड़क केवल संपर्क मार्ग नहीं, बल्कि ग्रामीण जनता को शिक्षा, स्वास्थ्य, व्यापार और रोजगार से जोड़ने का नया द्वार है।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के कुशल नेतृत्व और सुशासन के चलते नारायणपुर आज विकास की नई परिभाषा लिख रहा है।
आर्थिक गतिविधियों को मिलेगी रफ्तार, हजारों ग्रामीण होंगे लाभान्वित
सड़क निर्माण से रेमावंड, मोड़ेंगा एवं आसपास के दर्जनों गांवों में आवागमन सुगम हो जाएगा। ग्रामीणों का समय और श्रम दोनों की बचत होगी। सड़क आपातकालीन स्थितियों में भी बड़ी राहत देगी —
• मरीजों को तत्काल अस्पताल पहुंचाना आसान
• कृषि उत्पाद मंडी या बाजार तक ले जाना सुविधाजनक
• जनसेवाओं और विकास योजनाओं की पहुँच तेजी से संभव
परियोजना के पूर्ण होने पर क्षेत्र में आर्थिक गतिविधियाँ बढ़ेंगी और युवाओं को रोजगार के अवसर भी मिलेंगे।
स्थानीय ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने इस महत्वपूर्ण स्वीकृति के लिए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और विधायक केदार कश्यप के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह सड़क सामाजिक और आर्थिक परिवर्तन का आधार बनेगी तथा वर्षों पुरानी मांग पूरी होने से क्षेत्र में विकास की नई राह खुलेगी।




