राज्योत्सव 2025 में कृषि छात्रों ने दिखाई नवीनकरणीय ऊर्जा की नई दिशा — ग्रीन हाउस मॉडल बना आकर्षण का केंद्र
लिंगो मुदियाल कृषि महाविद्यालय, केरलापाल नारायणपुर के विद्यार्थियों ने RAWE कार्यक्रम के तहत पेश किया अभिनव मॉडल

नारायणपुर। राज्योत्सव 2025 के अवसर पर लिंगो मुदियाल कृषि महाविद्यालय एवं अनुसंधान केंद्र, केरलापाल, नारायणपुर के कृषि विद्यार्थियों ने अपनी वैज्ञानिक दृष्टि और नवाचार क्षमता का प्रभावशाली प्रदर्शन किया। RAWE (Rural Agricultural Work Experience) कार्यक्रम के अंतर्गत विद्यार्थियों ने “नवीनकरणीय ऊर्जा संसाधन एवं ग्रीन हाउस तकनीक” पर आधारित ऐसा मॉडल प्रस्तुत किया, जिसने दर्शकों का विशेष ध्यान आकर्षित किया।

छात्रों ने अपने मॉडल में दर्शाया कि किस प्रकार सूर्य, वायु और जैविक अपशिष्ट के माध्यम से खेतों को ऊर्जा सम्पन्न और पर्यावरण अनुकूल बनाया जा सकता है। मॉडल में सुसज्जित सोलर पैनल, पवन चक्की, बायोगैस संयंत्र और हरियाली से आच्छादित ग्रीन हाउस ने इसे विशिष्ट पहचान दी।
विद्यार्थियों ने बताया कि इन नवीनकरणीय ऊर्जा स्रोतों के प्रयोग से न केवल बिजली और ईंधन की बचत होती है, बल्कि खेती को स्मार्ट और टिकाऊ (सस्टेनेबल) भी बनाया जा सकता है। ग्रीन हाउस तकनीक के माध्यम से नियंत्रित तापमान में पौधों की खेती कर वर्षभर उत्पादन संभव है, जिससे किसान किसी भी मौसम में फसल उगा सकते हैं।
कार्यक्रम में उपस्थित कलेक्टर महोदया एवं अन्य विशिष्ट अतिथियों ने विद्यार्थियों की रचनात्मक सोच की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे नवाचार ही आने वाले भारत की हरित क्रांति की सच्ची पहचान हैं।
यह अभिनव मॉडल ग्रुप-7 के विद्यार्थियों — कुणाल अग्रवाल, निखिल पटेल, हर्षवर्धन डोंडे, मानसिंह कश्यप, चिरंजीव जैन और गौरव ध्रुव — द्वारा तैयार किया गया।
मार्गदर्शन दल —
- डॉ. रत्ना नशीने — अधिष्ठाता
- डॉ. देवेंद्र कुर्रे — RAWE कोऑर्डिनेटर
- डॉ. पुष्पेंद्र पैंकरा — प्रोग्राम ऑफिसर
- डॉ. विवेक विश्वकर्मा — सहायक प्राध्यापक
- डॉ. नवीन मरकाम — सहायक प्राध्यापक
- डॉ. सविता आदित्य — सहायक प्राध्यापक
- डॉ. नवनीत कुमार धुर्वे — सहायक प्राध्यापक
- श्री राज सेंगर — सहायक प्राध्यापक
राज्योत्सव में प्रस्तुत इस मॉडल ने यह स्पष्ट संदेश दिया कि आधुनिक कृषि में तकनीक और स्वच्छ ऊर्जा के संयोजन से खेती को न केवल लाभकारी बल्कि पर्यावरण के अनुकूल भी बनाया जा सकता है।




